कोटा। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समाधान (सीएम ओटीएस) योजना 2025-26 की अवधि अब 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है।
इससे जिले के सैकड़ों किसानों को राहत मिलेगी और लंबे समय से लंबित अवधिपार ऋण प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण संभव हो सकेगा। यह जानकारी कोटा सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने बैंक की ऋण उपसमिति की बैठक में दी।
राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए बैंक को 8 करोड़ रुपये के ऋण वितरण लक्ष्य की स्वीकृति दी गई। बैठक में उपाध्यक्ष भंवर सिंह हाड़ा, संचालक डॉ. प्राची दीक्षित तथा बैंक सचिव एवं उप रजिस्ट्रार ऋतु सपरा उपस्थित रहे। अध्यक्ष ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 तक निर्धारित 3 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले बैंक द्वारा अब तक 2 करोड़ 20 लाख रुपये का ऋण वितरण किया जा चुका है।
अध्यक्ष ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा संचालित लगभग 200 करोड़ रुपये की मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समाधान योजना के अंतर्गत 30 जून 2024 तक के समस्त अवधिपार ऋण शामिल किए गए हैं। योजना के तहत किसानों को अवधिपार ब्याज, दंडनीय ब्याज तथा वसूली व्यय में 100 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। किसानों को केवल मूल ऋण राशि एवं चालू वर्ष का ब्याज जमा करना होगा।
उन्होंने बताया कि गत वर्ष लागू योजना में अब तक 1056 अवधिपार ऋणियों में से 340 किसानों ने लाभ उठाया है। इन किसानों द्वारा लगभग 3 करोड़ 94 लाख रुपये का नकद भुगतान कर 8 करोड़ 22 लाख रुपये की राहत राज्य सरकार द्वारा प्राप्त की गई है। इससे बैंक की एनपीए स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और वसूली के मामलों में कोटा बैंक संभाग स्तर पर अग्रणी बना हुआ है।
राठौड़ ने बताया कि योजना की अवधि बढ़ाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तथा सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक का सहयोग प्राप्त हुआ है। उन्होंने शेष किसानों से अपील की कि वे अंतिम तिथि से पूर्व योजना का लाभ उठाकर अपने ऋण खातों का निस्तारण करें।
बैंक सचिव एवं उप रजिस्ट्रार ऋतु सपरा ने बताया कि योजना की अवधि समाप्त होने के पश्चात शेष बकायेदारों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ऋण भुगतान की प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से 50 लाख रुपये की अंतरिम साख सीमा स्वीकृति हेतु राज्य बैक को प्रस्ताव भिजवाया गया है।
अध्यक्ष ने बताया कि किसानों को ट्रैक्टर, कृषि यंत्र, फार्म हाउस निर्माण, कुएं, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई, विद्युतीकरण, नाली निर्माण, भूमि सुधार, डेयरी, अकृषि आधारित उद्योग, स्वरोजगार एवं सेवा क्षेत्र के लिए ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राज्य सरकार की बजट घोषणा के अंतर्गत इन योजनाओं पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान का प्रावधान भी लागू है।

