ऐसे बदली किसान की तक़दीर, 17 वर्ष पुराने अवधिपार ऋण का समाधान

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कोटा। लंबे समय से अवधिपार ऋण के बोझ तले दबे किसानों के लिए राहत की एक सशक्त मिसाल सामने आई है। कोटा सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड की पहल से मुख्यमंत्री अविधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025–26 के अंतर्गत 17 वर्ष पुराने ऋण खाते का सफल निस्तारण कर किसान को नई उम्मीद दी गई है।

बैंक अध्यक्ष चैनसिंह राठौड ने बताया कि ग्राम चौमावद तहसील दीगोद निवासी किसान हेमराज पुत्र भैरूलाल मीणा का 17 वर्षों से अविधिपार चला आ रहा ऋण खाता इस योजना के तहत सुलझाया गया।

योजना के अंतर्गत किसान को कुल 19.43 लाख रुपये की ब्याज राहत प्रदान की गई, जिसके पश्चात किसान द्वारा 9.32 लाख रुपये जमा कर 28.75 लाख रुपये के ऋण खाते का पूर्ण भुगतान किया गया।

इस अवसर पर बैंक अध्यक्ष चेन सिंह राठौड़ ने इसे सहकारिता की संवेदनशीलता और सरकार की किसान-हितैषी सोच का प्रत्यक्ष उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल किसानों को ऋण के बोझ से मुक्त कर रही है, बल्कि उन्हें फिर से आर्थिक मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य भी कर रही है।

ऋण खाता पूर्ण रूप से चुकता होने पर बैंक द्वारा किसान को नो-ड्यूज प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में बैंक सचिव एवं उप रजिस्ट्रार ऋतु सागर, बैंक अधिकारी खलीलुद्दीन एवं धर्मवीर सिंह उपस्थित रहे।

राठौड़ ने जिले के अन्य किसानों से भी अपील की कि वे 31 मार्च 2026 तक मुख्यमंत्री अविधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना का अधिकतम लाभ उठाएं।

उन्होंने विश्वास दिलाया कि अविधिपार ऋण के निस्तारण के बाद किसानों को प्राथमिकता के आधार पर नवीन ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।