कोटा। कृषि उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एग्री-क्लिनिक्स एंड एग्री-बिजनेस सेंटर (AC&ABC) योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों ने शुक्रवार को सरस डेयरी प्लांट का शैक्षणिक दौरा किया। इस अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य दुग्ध प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण एवं डेयरी उत्पाद निर्माण की आधुनिक तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन था।
कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक डेयरी उद्योग आज कृषि-आधारित उद्यमिता का सशक्त स्तंभ बन चुका है। उन्होंने कहा, ऐसे भ्रमण युवाओं में तकनीकी समझ बढ़ाते हैं और उन्हें रोजगार एवं स्वयं-रोजगार के नए अवसरों से जोड़ते हैं। डेयरी सेक्टर में पारदर्शिता, गुणवत्ता और वैज्ञानिक पद्धतियों का ज्ञान उद्यमिता को नई दिशा दे सकता है।
नोडल ऑफिसर डॉ. डी आर मीणा ने बताया कि यह कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त योजना है, जिसके अंतर्गत 45 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में कृषि-आधारित उद्यमों के लिए विद्यार्थियों को व्यवहारिक एवं तकनीकी ज्ञान प्रदान किया जाता है। इसी क्रम में सरस डेयरी का भ्रमण प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
डेयरी प्लांट के तकनीकी विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को दूध संग्रहण, परीक्षण, पाश्चुरीकरण, पैकिंग तथा मूल्य-वर्धित डेयरी उत्पादों की उत्पादन श्रृंखला के बारे में विस्तृत जानकारी दी। विद्यार्थियों ने विभिन्न विभागों में कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा तथा प्रसंस्करण इकाई की कार्यक्षमता और गुणवत्ता मानकों का अवलोकन किया।

