लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने ली मंडी समिति की बैठक में हुए हंगामे की जानकारी
कोटा। भारतीय किसान संघ के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमण्डल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भेंट कर उन्हें क्षेत्र के किसानों की समस्याओं से अवगत कराते हुए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान बिरला ने मंडी समिति की बैठक में हुए हंगामे और विवादित घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संघ के पदाधिकारियों से इसकी पूरी जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि बैठक में किन बिंदुओं पर सहमति नहीं बन पाई और हंगामा किन कारणों से हुआ।
प्रतिनिधिमण्डल में प्रान्त प्रचार प्रमुख आशीष मेहता, सम्भाग अध्यक्ष गिरिराज चौधरी, जिला अध्यक्ष जगदीश कलमंडा और जिला मंत्री रूपनारायण यादव शामिल थे। उन्होंने स्पीकर बिरला को बताया कि मंडी प्रशासन और किसानों के बीच तुलाई और हम्माली की राशि को लेकर गतिरोध बना हुआ है।
संघ ने स्पष्ट किया कि भामाशाह मंडी में किसानों के साथ हो रही ज्यादती और नियमों के विरुद्ध वसूली के कारण ही रोष व्याप्त है। बिरला ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में कहा कि मंडी में प्रति कट्टा 200 से 300 ग्राम अतिरिक्त वजन लेने की प्रथा को तुरंत बंद किया जाए और महिला श्रमिकों के नाम पर की जा रही 2 रुपए प्रति कट्टा की अवैध वसूली पर रोक लगे। इसके साथ ही, खरीफ 2025 की फसल बीमा राशि और अतिवृष्टि के मुआवजे का भुगतान न होने का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया गया। संघ ने मांग की है कि किसानों के समय और धन की बचत के लिए मंडी में नीलामी की प्रक्रिया किसानों के वाहनों पर ही की जाए और धर्म कांटे पर तुलाई सुनिश्चित की जाए। ताकि बम्पर आवक के समय मंडी में जाम की स्थिति न बने।
लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने प्रतिनिधि मण्डल को आश्वस्त किया कि वे मंडी समिति के हंगामे और ज्ञापन में वर्णित अन्य समस्याओं को लेकर स्वयं प्रशासनिक अधिकारियों से फीडबैक लेंगे। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मंडी में पारदर्शिता लाने और किसानों को उनके हक का पूरा दाम व सम्मान दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
बिरला ने कहा कि जल्द ही मंडी प्रशासन के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी विषयों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि वे इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभागों से वार्ता कर समाधान सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
ऑनलाइन गिरदावरी में खेत में दिखा रही शून्य फसल
प्रांत प्रचार प्रमुख आशीष मेहता ने बताया कि लोकसभा स्पीकर बिरला को बताया कि ऑनलाइन की गई गिरदावरी में खेत में शून्य फसल दर्ज हो रही है। जबकि खेतों में फसल खड़ी है। यह तकनीकी कारणों से हो रहा है।भारतीय किसान संघ ने यह भी मांग की कि ऑनलाइन गिरदावरी में तकनीकी त्रुटियों के कारण जो फसलें ‘शून्य’ दिखाई दे रही हैं, उन्हें पोर्टल खोलकर दुरुस्त किया जाए।
इसके साथ ही, किसान संघ ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद में गुणवत्ता शर्तों में छूट देने और सरसों व चने की खरीद सीमा को 25 क्विंटल से बढ़ाकर 40 क्विंटल प्रति किसान करने का आग्रह किया है। जिसे हर बार किसान की उपज बिकने के बाद बढ़ाया जाता है। साथ ही, चंद्रेशल में पूर्व निर्धारित भूमि पर थोक फल-सब्जी मंडी का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की भी मांग रखी गई।

