आलोक कटदरे और प्लेबैक सिंगर मोनिका कामथ की ‘म्यूजिकल नाइट’ आज

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कोटा। सृजन द स्पार्क कोटा चैप्टर की ओर से सिटी पार्क स्थित एम्फीथिएटर में भव्य ‘म्यूजिकल नाइट’ का आयोजन गुरूवार यानी आज सायं 7:15 बजे से प्रारंभ होगा।

कोटा चैप्टर के अध्यक्ष डा. विजय सरदाना व सचिव संजीव अग्रवाल ने बताया कि कोटा के संगीत प्रेमियों में लता व किशोर की यादो को ताजा करने के लिए सुप्रसिद्ध गायक आलोक कटदरे और प्लेबैक सिंगर मोनिका कामथ अपनी प्रस्तुतियों देंगे।

प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजकुमार जैन, अनिश​ बिरला एवं उमेश गोयल ने बताया कि आलोक कटदरे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मराठी और हिंदी गीतों के लिए चर्चित हैं तथा विशेष रूप से किशोर कुमार के गीतों की प्रस्तुति के लिए लोकप्रिय हैं। वहीं, मोनिका कामथ प्लेबैक सिंगर के रूप में सक्रिय हैं। वे लता मंगेशकर के सदाबहार गीतों की प्रस्तुतियों के लिए सराही जाती हैं।

संगीत साधना का विषय है: आलोक कटदरे
पिछले तीन दशकों से संगीत जगत में सक्रिय गायक आलोक कटदरे का मानना है कि वर्तमान दौर का संगीत स्थायित्व खोता जा रहा है। एक विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि आज अधिकांश गीत सात दिन से अधिक श्रोताओं के मन में नहीं ठहर पाते, क्योंकि उनमें सुर, मधुरता और सार्थक शब्दों का अभाव दिखाई देता है।

कटदरे ने कहा, एक समय था जब किशोर, लता मंगेशकर और रफी मोहम्मद जैसे महान कलाकारों का संगीत वर्षों तक लोगों के दिलों पर राज करता था। उनके गीत आज भी उतने ही प्रासंगिक और लोकप्रिय हैं।

वर्ष 1990 से अपनी संगीत यात्रा प्रारंभ करने वाले कटदरे अब तक 4900 से अधिक लाइव प्रस्तुतियां दे चुके हैं। उन्होंने अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, दुबई, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, मलेशिया और सिंगापुर सहित कई देशों में मंच प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संगीत की छाप छोड़ी है। भारत के भी लगभग सभी प्रमुख शहर उनके सुरों के साक्षी रहे हैं।

वे विशेष रूप से किशोर कुमार और महान संगीतकार आर डी बर्मन के सदाबहार गीतों की जीवंत प्रस्तुति के लिए पहचाने जाते हैं। कटदरे का कहना है कि “यह दौर अभी सुनहरा है, क्योंकि गाने और सुनने की समझ शेष है, किंतु सोशल मीडिया ने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। बिना सुर-ताल की गहरी समझ के भी लोगों को मंच मिल रहा है और लाइक-व्यूज को ही प्रतिभा की प्रमाणिकता माना जा रहा है।

स्ट्रेस रिलीव की बेस्ट मेडिसिन है म्यूजिक: मोनिका कामथ
संगीत समारोह में सुरों से महफिल सजाने वाली गायिका मोनिका कामथ ने भी अपने विचार साझा किए। मराठी फिल्म ‘अष्टपदी’ में अभिनय कर चुकीं मोनिका 2003 से पेशेवर रूप से संगीत से जुड़ी हैं। वे सारेगामापा मराठी में भाग ले चुकी हैं तथा लोकप्रिय धारावाहिक तारक मेहता का उल्टा चश्मा के एक फेस्टिवल एपिसोड में भी अपनी आवाज दे चुकी हैं।

मोनिका ने कहा, “संगीत सर्वश्रेष्ठ स्ट्रेस रिलीवर है। यह मानसिक शांति और संतुलन प्रदान करता है।” उन्होंने उभरते कलाकारों को सलाह दी कि संगीत का गहन अध्ययन और रियाज आवश्यक है। संगीत की आत्मा को जीवित रखने के लिए सुर, ताल और भाव की परंपरा को संरक्षित रखना समय की मांग है।