अहिंसा का मंत्र हमें शाकाहार और पर्यावरण संरक्षण की ओर ले जाता है: शान्ति धारीवाल

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श्री ओसवाल समाज संस्था का श्री महावीर प्रभु जन्मकल्याणक महोत्सव

कोटा। श्री ओसवाल समाज संस्था कोटा की ओर से श्री महावीर प्रभु का 2624वां जन्मकल्याणक महोत्सव गुरुवार को ओसवाल भवन श्रीनाथपुरम पर आयोजित किया गया। अध्यक्ष राकेश श्रीश्रीमाल गुणायचा ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व स्वायत्त शासन मंत्री तथा कोटा उत्तर के विधायक शांति कुमार धारीवाल ने की।

विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण जैन तथा भाजपा नेता पंकज मेहता थे। महामंत्री पंकज भंडारी ने बताया कि इस दौरान रक्तदान शिविर भी लगाया गया। जिसमें 60 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। इस अवसर पर नरेंद्र लोढ़ा द्वारा संपादित समाज की डायरेक्टरी का भी विमोचन हुआ।

संबोधित करते हुए शांति कुमार धारीवाल ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी ने हमें पांच महाव्रत की शिक्षा दी है। आज केवल उत्सव नहीं मनाना है, बल्कि उनके महाव्रत और शिक्षाओं को जीवन में उतारने से ही कार्यक्रम की सार्थकता होगी।

उन्होंने कहा कि अहिंसा का मंत्र शाकाहार और पर्यावरण संरक्षण की ओर बढ़ाता है। आज पूरे संसार में मतभेद बढ़ रहे हैं। ऐसे में, भगवान की शिक्षा और भी अधिक प्रासंगिक हो जाती है। हमारा कर्तव्य है कि यथासंभव भगवान के दिए हुए महाव्रतों का पालन करें। पंकज मेहता ने कहा कि आज पूरा विश्व अहिंसा के सिद्धांत को प्रमुखता से मानने लगा है। प्रधानमंत्री ने णमोकार दिवस पर भाग लेकर हम सभी को गौरवान्वित किया है। पंकज भण्डारी ने आभार जताया। संचालन डॉ. भण्डारी ने किया।

इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजक संजय चोरड़िया, प्रचार एवं संगठन मंत्री महावीर चंडालिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र कांकरिया, कोषाध्यक्ष मनोज चतर, रक्तदान शिविर संयोजक प्रवीण चतर, शान्तिमल मेहता, नरेन्द्र लोढ़ा, सुरेन्द्र सिंघवी, लोकेश मालू, भूपेंद्र बराडिया, हनुमानमल दुग्गड़, रोहित चंडालिया, विनोद तातेड़, सुनील सेठ, अनिल दक, रवि सांखला, हर्ष चौरडिया, दीपक कोठारी, प्रवीण चतर समेत कईं कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।

मेरे वीर प्रभु सा कोई नहीं
कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न मंडलों एवं बच्चों द्वारा भगवान महावीर के जीवन पर आधारित नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी गई। श्री कुशल विचक्षण खरतरगच्छ महिला मंडल रामपुरा, मुमुक्षु महिला मंडल, त्रिशला बहु मंडल पाठशाला, श्री पार्श्व पद्मावती बहुमंडल रामपुरा, श्री पार्श्व कुशल बहु मंडल की ओर से कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गईं। महिला मंडलों की ओर से “मेरे वीर प्रभु सा कोई नहीं .. आज हमारा मन केसरिया, मेरे प्रभु आज केसरिया..” सरीखे गीतों पर सुंदर नृत्य की प्रस्तुति दी गई।

प्रतिभाओं और भामाशाहों का हुआ सम्मान
इस दौरान एकेडमिक परीक्षाओं में 85% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 30 विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित होने वाले छात्र-छात्राओं समेत विभिन्न प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। समारोह में वरिष्ठ नागरिकों का भी सम्मान किया गया। साथ ही देहदानी परिवारों के परिजनों का भी अभिनंदन किया गया। सहयोग निधि कोष के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सम्बल प्रदान करने वाले एवं संस्था के भवन निर्माण में सहायता करने वाले भामाशाहों को भी सम्मानित किया गया।