अर्जेन्टीना में सोयाबीन के उत्पादन में 55 लाख टन की कमी का अनुमान

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ब्यूनस आयर्स। Soybean Crop in Argentina: लैटिन अमरीकी देश अर्जेन्टीना में शुष्क एवं गर्म मौसम से सोयाबीन की फसल को काफी नुकसान हो रहा है जिससे इसके उत्पादन अनुमान में नियमित रूप से कटौती हो रही है। हालांकि बीच-बीच में सीमित इलाकों में थोड़ी-बहुत बारिश हो जाती है मगर फसल को पूरी राहत देने के लिए यह पर्याप्त नहीं है।

फरवरी के तीसरे-चौथे सप्ताह के दौरान ला पम्पा, ब्यूनस आयर्स एवं एंट्री रियोस प्रांतों में हुई भारी बारिश से सोयाबीन की फसल को फायदा हुआ मगर देश के मध्यवर्ती एवं उत्तरी भाग में मौसम शुष्क बना हुआ है। मार्च के प्रथम सप्ताह में अर्जेन्टीना के कई भागों में वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है।

इससे फसल को कितना फायदा होगा- यह देखना आवश्यक है। समीक्षकों का कहना है कि यदि मार्च के प्रथम पखवाड़े के दौरान अच्छी बारिश हुई तो सोयाबीन फसल की गिरती रेटिंग पर अंकुश लग सकता है और तब इसके उत्पादन अनुमान में कटौती करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2024 के दौरान जब अर्जेन्टीना में सोयाबीन की बिजाई आरंभ हुई थी तब 2024-25 सीजन में इसका कुल उत्पादन 535 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया था लेकिन जैसे-जैसे मौसम की हालत प्रतिकूल होती गई वैसे-वैसे उत्पादन के अनुमान में कटौती की गई।

अब तक उत्पादन अनुमान में आरंभिक स्तर के मुकाबले करीब 45 लाख टन की कटौती की जा चुकी है। एक अग्रणी विश्लेषक ने पहले इसका अनुमान 525 लाख टन आंका था जिसे अब घटाकर 480 लाख टन निर्धारित कर दिया है।

अर्जेन्टीना में सोयाबीन फसल की हालत में कुछ सुधार आया है और खासकर सिंचाई सुविधा वाले कोर इलाकों में फसल की स्थिति कुछ बेहतर हुई है लेकिन अनेक क्षेत्रों में अभी और वर्षा की सख्त आवश्यकता है।

राष्ट्रीय स्तर पर 20 प्रतिशत से अधिक फसल में दाना लगने के बाद उसमें भराव आने लगा है। कोर उत्पादक क्षेत्रों में अगैती बिजाई वाली फसल की कटाई-तैयारी आरंभ हो गई है। लेकिन उत्तरी अर्जेन्टीना में सोयाबीन फसल के विकास की गति सबसे धीमी है।

फरवरी के अंतिम सप्ताह के दौरान अर्जेन्टीना में सोयाबीन की 34 प्रतिशत फसल को काफी कमजोर या खराब स्थिति में आंका गया जबकि 49 प्रतिशत फसल को सामान्य तथा केवल 17 प्रतिशत फसल को उत्साहवर्धक माना गया। इससे स्पष्ट पता चलता है कि कुल मिलाकर देश में सोयाबीन की एक-तिहाई से अधिक फसल की हालत काफी कमजोर है।