अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की अकड़ निकालने को यूरोपीय देशों ने मिलाए हाथ

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नूक/कोपेनहेगन। डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को छीनने की धमकियों के बीच यूरोपीय नेता खड़े होने लगे हैं। यूरोप के नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।

जिसके खिलाफ ट्रंप ने आठ यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। जिस पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने चेतावनी दी है कि यूरोपियन कमीशन (EU) अमेरिका पर टैक्स लगाकर जवाबी कार्रवाई शुरू कर सकता है।

यूरोपीय देशों के कई नेताओं भी अंतरराष्ट्रीय कानून को खत्म करने के लिए ट्रंप की आलोचना की हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति पर परोक्ष तौर पर निशाना साधा है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की सालाना बैठक में अपने भाषण में ताकतवर नेताओं की राजनीति के खिलाफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, “संघर्ष सामान्य हो गया है।”

उन्होंने “एक ऐसी दुनिया की ओर बदलाव की चेतावनी दी जहां कोई नियम नहीं हैं, जहां अंतरराष्ट्रीय कानून को पैरों तले रौंदा जाता है और एकमात्र नियम जो मायने रखता है वह है सबसे ताकतवर का नियम।”

उन्होंने कहा कि “सामूहिक शासन के बिना, सहयोग की जगह कड़ी प्रतिस्पर्धा ले लेती है।” फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि “इसका का एकमात्र मकसद यूरोप को कमजोर करना और उसे अपने अधीन करना है।”

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के करीबी एक सूत्र ने सोमवार को एक बयान में कहा कि फ्रांस का “कई देशों के साथ” बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए मिले निमंत्रण को स्वीकार करने का कोई प्लान नहीं है।

BBC के मुताबिक बयान में कहा गया है, “(बोर्ड का) चार्टर… कई बड़े सवाल खड़े करता है, खासकर संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों और ढांचे के सम्मान के संबंध में, जिस पर किसी भी हालत में सवाल नहीं उठाया जा सकता।”

वहीं, ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन ने कहा कि “अमेरिका इस विशाल आर्कटिक इलाके पर कब्जा करना चाहता है और ट्रंप की मांग ने एक ऐसी स्थिति पैदा कर दी है जो “दुनिया की व्यवस्था के बारे में है।” उन्होंने पत्रकारों से कहा, “अंतर्राष्ट्रीय कानून कोई खेल नहीं है। और अगर हम ऐसा नहीं करते हैं, तो निश्चित रूप से गठबंधन टूट जाएंगे और यह बहुत बुरा होगा।”

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने चेतावनी देते हुए कहा कि “सबसे बुरा समय अभी आना बाकी हो सकता है।” संसद में बोलते हुए उन्होंने कहा कि “हमने कभी टकराव नहीं चाहा। हमने हमेशा सहयोग चाहा है।”

यूरोपीय संसद में एक बहस के दौरान डेनमार्क MEP एंडर्स विस्टिसेन ने ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के दावों को खारिज कर दिया। विस्टिसेन ने तीखे शब्दों में कहा, “मैं इसे उन शब्दों में कहता हूं जो शायद आप समझें, मिस्टर प्रेसिडेंट, भाड़ में जाओ।”

इसके अलावा UK के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने ट्रंप के उस ऐलान का विरोध किया है, जिसमें उन्होंने डेनमार्क और ग्रीनलैंड का साथ देने वाले आठ देशों, जिनमें नॉर्वे और ब्रिटेन भी शामिल हैं, उन देशों से आने वाले सामान पर फरवरी से 10 परसेंट इंपोर्ट टैक्स लगाने की बात कही है।

उन्होंने कहा कि UK को अमेरिका और यूरोप में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर करना “गलत” है। उन्होंने ये भी कहा कि ट्रेड वॉर “किसी के भी हित में नहीं है”।