नई दिल्ली। Donald Trump surrender to iran: ईरान युद्ध पर अमेरिका जल्द ही अंतिम फैसला ले सकता है। खबर है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार रात देश को संबोधित करने जा रहे हैं। खास बात है कि यह संबोधन ऐसे समय पर होने जा रहा है, जब ट्रंप कुछ ही सप्ताह में ईरान से बाहर निकलने की बात कह चुके हैं। वहीं, हजारों मरीन्स की तैनाती की भी जानकारी है। 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत हुई थी।
वाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलीन लैविट ने लिखा, ‘कल रात 9 बजे (ET), राष्ट्रपति ट्रंप ईरान पर एक महत्वपूर्ण अपडेट देने के लिए राष्ट्र को संबोधित करेंगे।’ हालांकि, उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका अब ईरान युद्ध खत्म करने की तैयारी में है या संघर्ष और तेज करने जा रहा है।
ईरान युद्ध में नाटो सहयोगियों से मदद मांगने, नाटो सहयोगियों की जरूरत नहीं होने की घोषणा करने, तेहरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की धमकी देने और फिर ऐसे हमलों को लगभग रातोंरात स्थगित करने के अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के बदलते रुख से अमेरिकी असमंजस में हैं। ईरान युद्ध पर लगातार बदलते रुख को लेकर ट्रंप को सोशल मीडिया पर भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
‘प्यू रिसर्च’ की ओर से किए गए एक सर्वेक्षण में पाया गया कि लगभग दस में से छह यानी 61 प्रतिशत अमेरिकी ईरान के साथ युद्ध को लेकर ट्रंप के रवैये से असहमत हैं। सर्वेक्षण से यह भी पता चला है कि 37 प्रतिशत लोग युद्ध के पक्ष में हैं।
वाइट हाउस में ईंधन की बढ़ी कीमतों को लेकर जब ट्रंप से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, ‘मुझे सिर्फ इतना करना है कि ईरान से निकल जाना है और हम ऐसा बहुत जल्दी करने वाले हैं और कीमतें धड़ाम से नीचे गिर जाएंगी।’ उन्होंने कहा, ‘हम काम पूरा कर रहे हैं और मुझे लगता है कि इस काम को पूरा करने के लिए 2 सप्ताह या कुछ दिन और लगेंगे।’
28 फरवरी को अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ही ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था। अब एक ओर जहां ट्रंप के तवर बदल रहे हैं। वहीं, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू साफ कर चुके हैं कि ईरान के खिलाफ अभियान खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, ‘अमेरिका के साथ संयुक्त अभियान के एक महीने के भीतर हम उस आतंक के शासन को कुचल रहे हैं, जो ‘अमेरिका मुर्दाबाद, इजरायल मुर्दाबाद’ के नारे लगा रहा था।’ उन्होंने कहा, ‘अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है और हमने शासन की जड़े हिला दी हैं, देर-सवेर यह ढह जाएगा’
अमेरिकी कंपनियों पर अटैक
ईरान ने मंगलवार को अपनी योजना का खुलासा करते हुए कहा कि अगर एक अप्रैल की शाम से ईरानी क्षेत्र में किसी की भी हत्या होती है तो वह पश्चिम एशिया में 18 कंपनियों के ठिकानों पर हमला करेगा। यह जानकारी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने दी। आईआरजीसी ने कहा, ‘ईरान में होने वाली हर हत्या के जवाब में इन कंपनियों को एक अप्रैल को स्थानीय समयानुसार रात आठ बजे से अपने संबंधित ठिकानों के विनाश के लिए तैयार रहना चाहिए।’
बयान में आगे कहा गया कि इन कंपनियों में सिस्को, एचपी, इंटेल, ओरेकल, माइक्रोसॉफ्ट, ऐपल, गूगल, मेटा, आईबीएम, डेल, पैलेंटीर, एनवीडिया, जेपी मॉर्गन, टेस्ला, जीई स्पायर सॉल्यूशन, जी42 और बॉइंग शामिल हैं। यह दावा किया गया कि ये कंपनियां ईरान के खिलाफ आतंकवादी योजना में सक्रिय रूप से शामिल हैं।

