अमेरिका ने दिया अंबानी को वेनेजुएला से तेल खरीद का लाइसेंस, जानिए क्या होगा फायदा

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नई दिल्ली। देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने रिलायंस को वेनेजुएला का तेल खरीदने के लिए जनरल लाइसेंस जारी कर दिया है। वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है।

अमेरिका ने हाल में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया था। उसके बाद अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि अमेरिका वेनेजुएला की एनर्जी इंडस्ट्री में लगी पाबंदियों में ढील देगा ताकि दोनों देशों के बीच 2 अरब डॉलर की ऑयल सप्लाई डील हो सके। अमेरिका ने साथ ही वेनेजुएला की ऑयल इंडस्ट्री के पुनर्गठन के लिए 100 अरब डॉलर की योजना बनाई है।

रिलायंस को जनरल लाइसेंस मिलने का मतलब है कि कंपनी वेनेजुएला पर लगे प्रतिबंधों का उल्लंघन किए बिना सीधे तेल खरीद सकती है। साथ ही वह वेनेजुएला से खरीदे गए तेल को बेच भी सकती है।

इससे रिलायंस को अपनी क्रूड कॉस्ट कम करने में मदद मिलेगी। रिलायंस के पास दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स है जो हर तरह के कच्चे तेल को प्रोसेस कर सकती है।

रिलायंस ने जनवरी में लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। कंपनी ने इस बारे में भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं दिया। यूएस ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल ने भी तत्काल कोई जवाब नहीं दिया।

इस महीने रिलायंस ने वेनेजुएला से 20 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा था। यह खरीदारी ट्रेडर कंपनी Vitol से की गई थी। Vitol और Trafigura को पहले ही अमेरिका से लाइसेंस मिल चुका है।

सूत्रों के मुताबिक वेनेजुएला से सीधे तौर पर तेल खरीदने से रिलायंस को काफी बचत होने की उम्मीद है। रूस के तेल की तुलना में वेनेजुएला का तेल सस्ता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में भारत पर से 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ हटा दिया था।

भारत पर रूसी से तेल खरीदने के लिए यह टैरिफ लगाया गया था। माना जा रहा है कि अब भारत अमेरिका और वेनेजुएला से ज्यादा तेल खरीदेगा।