नई दिल्ली। भारत ने शुक्रवार को अमेरिका के नेतृत्व वाले पैक्स सिलिका (Pax Silica) गठबंधन में शामिल होने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस गठबंधन का उद्देश्य क्रिटिकल मिनरल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए एक मजबूत और सुरक्षित सप्लाई चेन बनाना है। यह समझौता नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान एक समारोह में साइन किया गया।
भारत सरकार की ओर से इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रतिनिधित्व किया, जबकि अमेरिका की ओर से आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग मौजूद थे। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी इस मौके पर उपस्थित थे।
समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान हेलबर्ग ने कहा, “Pax Silica एक घोषणा है कि भविष्य उन्हीं का है जो निर्माण करते हैं और जब स्वतंत्र लोग मिलकर काम करते हैं।” अमेरिकी राजदूत गोर ने कहा कि 21वीं सदी की आर्थिक और तकनीकी व्यवस्था को आकार देने के लिए एक रणनीतिक गठबंधन बनाया जा रहा है, जो क्रिटिकल मिनरल्स और चिप निर्माण से लेकर AI तैनाती तक पूरे सिलिकॉन स्टैक को सुरक्षित करेगा।
‘Pax Silica’ का मकसद दबाव आधारित निर्भरताओं को भरोसेमंद औद्योगिक साझेदारियों से बदलना है, जो मुक्त बाजारों को मजबूत करें। भारत की भागीदारी को रणनीतिक और आवश्यक बताया गया है, क्योंकि भारत के पास इंजीनियरिंग टैलेंट, खनिज प्रसंस्करण में प्रगति और अमेरिका-भारत टेक सहयोग को मजबूत करने की भूमिका है। यह साझेदारी वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद AI को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखती है और इस बात पर जोर देती है कि शांति ताकत के जरिए आती है।
घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर के दौरान वैष्णव ने कहा कि आज हमारे प्रतिभाशाली इंजीनियर भारत में ही दुनिया की सबसे जटिल और उन्नत 2-नैनोमीटर चिप डिजाइन कर रहे हैं। हम जानते हैं कि सेमीकंडक्टर उद्योग को करीब 10 लाख और कुशल लोगों की जरूरत होगी। यह प्रतिभा कहां से आएगी? यह यहीं से आएगी।
उन्होंने कहा, “आज छात्रों को दुनिया के सबसे बेहतरीन सेमीकंडक्टर डिजाइन टूल्स तक पहुंच है और वे बिल्कुल मुफ्त हैं। इसके नतीजे भी मिल रहे हैं… जब हम चिप्स की बात करते हैं तो कुछ लोग आलू के चिप्स समझते हैं।
उन्हें भूल जाइए, वे रोते रहेंगे। कभी संसद में रोते हैं, कभी कहीं और। यह सब चलता रहेगा, हमें आगे बढ़ना है। देश के पास स्पष्ट दिशा और लक्ष्य है और हमें सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में वैश्विक नेतृत्व लेना है।”
पैक्स सिलिका क्या है?
अमेरिका ने दिसंबर 2025 में पैक्स सिलिका पहल की शुरुआत की थी। इसका मकसद AI से जुड़ी तकनीकों- क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा इनपुट, उन्नत सेमीकंडक्टर निर्माण और AI इंफ्रास्ट्रक्चर- की ग्लोबल सप्लाई चेन को मजबूत और सुरक्षित बनाना है। इसमें शुरुआती भागीदार देशों में अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, नीदरलैंड, यूनाइटेड किंगडम, इजराइल, संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया शामिल थे।

