अमेरिका के इस कदम से भारत को होगा फायदा, जानिए क्या है ट्रम्प का नया प्लान

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नई दिल्‍ली। अमेरिका अगले हफ्ते वेनेजुएला पर लगे कुछ प्रतिबंधों को हटा सकता है। इसका मकसद वहां तेल की बिक्री को आसान बनाना है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रॉयटर्स को बताया कि वह वेनेजुएला के साथ दोबारा जुड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक के प्रमुखों से भी मिलेंगे।

इस कदम का मकसद वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा करना और वहां स्थिरता लाना है। अमेरिका वेनेजुएला के करीब 5 अरब डॉलर के आईएमएफ स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDRs) मौद्रिक संपत्तियों का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है।

अमेरिका की ओर से वेनेजुएला पर लगे प्रतिबंधों में अगर ढील दी जाती है तो यह भारत के लिए भी एक बड़ी सकारात्मक खबर होगी। यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को तीन स्तरों पर मजबूती देगा। पहला, इससे रिलायंस और ओएनजीसी जैसी भारतीय कंपनियों को वेनेजुएला का ‘हैवी क्रूड’ फिर से सस्ती और रियायती दरों पर मिल सकेगा।

इसे रिफाइन करने के लिए भारत के पास दुनिया की बेहतरीन तकनीक मौजूद है। दूसरा, इससे भारत की रूस और खाड़ी देशों पर तेल निर्भरता कम होगी। खरीद के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।

इससे ग्‍लोबल बाजार में भारत की मोलभाव करने की ताकत बढ़ेगी। तीसरा, यह कदम ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (OVL) के वहां फंसे हुए लगभग 1 अरब डॉलर (करीब 9000 करोड़ रुपये) के डिविडेंड की वसूली का रास्ता साफ कर सकता है। ये पैसा पिछले कई सालों से प्रतिबंधों के कारण अटका हुआ है।

अमेरिका ने बताया प्‍लान
बेसेंट ने बताया कि अमेरिका उस तेल पर लगे प्रतिबंधों को हटा रहा है जिसे बेचा जाना है। ट्रेजरी विभाग ऐसे बदलावों पर विचार कर रहा है। इससे जहाजों में रखे तेल की बिक्री से मिले पैसे को वेनेजुएला वापस भेजा जा सकेगा। यह पैसा वहां की सरकार चलाने, सुरक्षा सेवाओं को सुचारु रखने और आम जनता तक पहुंचाने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ये प्रतिबंध अगले हफ्ते ही हटाए जा सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि कौन से प्रतिबंध हटाए जाएंगे।