नई दिल्ली। सोने की कीमत (Gold Rate) बढ़ती ही जा रही है। शुक्रवार यानी 18 जुलाई 2025 को दिल्ली में 24 कैरेट वाले 10 ग्राम सोने की कीमत 99,520 रुपये पर चली गई। इसे देखते हुए लोग अब नौ कैरेट (9Karat) सोने के भी गहने खरीदने लगे हैं।
9 कैरेट के गहने 22 कैरेट या 18 कैरेट सोने के गहने के मुकाबले काफी सस्ते होते हैं। इसे देखते हुए केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के तहत काम करने वाले संगठन भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने एक बड़ा ऐलान किया है। अब 9 कैरेट सोने पर भी हॉलमार्किंग अनिवार्य होगी। यह नियम जुलाई 2025 से लागू होगा।
हॉलमार्किंग (Hallmarking) का मतलब है सोने की शुद्धता की गारंटी। BIS के नियम के अनुसार, सोने के गहनों और कलाकृतियों पर एक निशान लगाया जाता है। इससे पता चलता है कि सोना कितना शुद्ध है। हॉलमार्किंग का मतलब है शुद्धता की गारंटी।
हॉलमार्किंग में कितने ग्रेड
बीआईएस (Bureau of Indian Standard) की नवीनतम घोषणा के मुताबिक अब हॉलमार्किंग में ये ग्रेड शामिल होंगे: 24KF, 24KS, 23K, 22K, 20K, 18K, 14K और 9K। 9K सोने में कम से कम 375 भाग प्रति हजार सोना होना चाहिए। इसका मतलब है कि 9K सोना 37.5% शुद्ध होता है।
सभी ज्वैलर्स को पालन करना होगा
ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल ने X पर एक पोस्ट में कहा है कि सभी ज्वैलर्स और हॉलमार्किंग सेंटर को BIS के नियमों का पालन करना होगा। काउंसिल ने कहा, “9 Karat गोल्ड (375 ppt) अब BIS संशोधन संख्या 2 के अनुसार अनिवार्य हॉलमार्किंग के अंतर्गत आता है। सभी ज्वैलर्स और हॉलमार्किंग सेंटर को इसका पालन करना होगा।”
पहले हॉलमार्किंग अनिवार्य नहीं थी
पहले 9 कैरेट सोने के गहने पर अनिवार्य हॉलमार्किंग में शामिल नहीं थे। लेकिन अब इसे भी उसी नियम के तहत लाया जाएगा। इससे ग्राहकों को सोने की शुद्धता के बारे में सही जानकारी मिलेगी। सेंको गोल्ड लिमिटेड के एमडी और सीईओ सुवनकर सेन ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि 9 Karat हॉलमार्किंग सरकार की एक अच्छी पहल है।

