सियोल। अब वो दिन दूर नहीं जब कई दिन तक स्मार्टफोन को चार्ज नहीं करना पड़ेगा। ऐसी खबरें हैं कि सैमसंग अपने स्मार्टफोन्स के लिए 20,000mAh बैटरी की टेस्टिंग कर रहा है। गौरतलब है कि Galaxy S25 Ultra और S25 Edge में भी सैमसंग ने लिथियम-आयन का ही इस्तेमाल किया था।
AndroidHeadlines की रिपोर्ट के अनुसार, Samsung SDI जो कि सैमसंग के लिए बैटरी बनाने वाली कंपनी है, वह एक डुअल-स्टैक यानी कि दो जुड़ी हुई सिलिकॉन-कार्बन बैटरी पर काम कर रही है। इसका मतलब है कि सैमसंग दो बैटरी सेल्स को एक के ऊपर एक रखकर टेस्ट कर रहा है।
बताया गया है कि पहली बैटरी 12,000mAh की, तो और दूसरी 8,000mAh की होगी। ऐसे में दोनों को मिलाकर कुल 20,000mAh की क्षमता बनती है। यह मौजूदा स्मार्टफोन बैटरियों से लगभग 4 गुना ज्यादा है! हालांकि यह बैटरी थोड़ी मोटी होगी, लेकिन बदले में आपको जबरदस्त बैटरी बैकअप मिलेगा। यह तकनीक न सिर्फ सैमसंग के फोन्स में बल्कि भविष्य में अन्य ब्रांड्स के स्मार्टफोन्स में भी इस्तेमाल हो सकती है।
मिलेगा 27 घंटों का स्क्रीन ऑन टाइम
ऐसा बताया जा रहा है कि सैमसंग अपनी इस 20,000mAh बैटरी ने एक सिंगल चार्ज पर 27 घंटे का स्क्रीन-ऑन टाइम हासिल कर पाया है। बता दें कि स्क्रीन ऑन टाइम का मतलब है कि आपका डिवाइस एक बार चार्ज होने के बाद कितनी देर तक स्क्रीन को ऑन रख पाता है। फिलहाल अच्छी बैटरी वाले स्मार्टफोन्स में यह समय करीब-करीब 12 घंटे तक मिलता है।
ऐसे में 27 घंटे के स्क्रीन ऑन टाइम का मतलब है कि यूजर को कई दिन तक फोन चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गौर करने वाली बात है कि सैमसंग की ये टेक्नोलॉजी फिलहाल टेस्टिंग में है और आने वाले एक दो साल में यह टेक्नोलॉजी स्मार्टफोन के इस्तेमाल और उसे चार्ज करने के तरीके को पूरी तरह से बदल सकती है।
सैमसंग के आगे सबसे बड़ी चुनौती
जैसा कि हमने बताया फिलहाल सैमसंग की नई बैटरी टेक्नोलॉजी टेस्टिंग फेज में है। ऐसे में सैमसंग ने अपनी डुअल-स्टैक बैटरी को एक साल से ज्यादा समय तक टेस्ट किया, जिसमें करीब 960 चार्जिंग साइकिल हुए। इस टेस्टिंग में 8,000mAh वाली बैट फूल गई। इसकी मोटाई 4mm से बढ़कर 7.2mm हो गई।

