नई दिल्ली। सीबीएसई स्कूलों में दाखिले की बढ़ती मांग और विद्यालयों के पास जगह की कमी की समस्या को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा के नए सेक्शन खोलने के नियम आसान कर दिए हैं। संबद्धता मानदंडों में संशोधन होने से सीबीएसई स्कूल कक्षा के और अधिक सेक्शन शुरू कर सकेंगे।
नए नियम के मुताबिक अब स्कूलों को क्लास के सेक्शन बढ़ाने की इजाजत भूमि के साइज की बजाय बिल्ट अप कारपेट एरिया के आधार पर दी जाएगी। नियम आसान होने से बच्चों को अपने घर के पास के सीबीएसई स्कूल में ही दाखिला मिल सकेगा। उन्हें पढ़ने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। घर के नजदीक के सीबीएसई स्कूलों में कक्षा के और सेक्शन खुलेंगे।
दरअसल बहुत से स्कूलों ने सीबीएसई के समक्ष दाखिलों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए नए सेक्शन शुरू करने को लेकर आ रही समस्याओं को उठाया था। सीबीएसई ने अपने सर्कुलर में कहा कि आस-पड़ोस के स्कूलों में उपलब्ध सीटों की कमी के कारण बच्चों को स्कूल जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उनके स्वास्थ्य, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक विकास और अपनेपन की भावना पर असर पड़ सकता है।
सीबीएसई द्वारा गुरुवार को जारी सर्कुलर में अधिसूचित ये बदलाव विदेशी स्कूलों को छोड़कर सभी मौजूदा और नए संबद्ध स्कूलों पर लागू होंगे। सीबीएसई के इस फैसले पर अधिकारियों और स्कूल प्रधानाचार्यों ने कहा कि इस कदम से एडमिशन का दबाव कम होगा।
बच्चों को स्कूल आने जाने के लिए लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के नियमों का भी पालन हो सकेगा जिसमें बच्चों को शिक्षा की समान पहुंच और पड़ोस में स्कूली शिक्षा के लक्ष्यों की बात कही गई है।
अभी तक क्या था सेक्शन बढ़ाने का नियम
अभी तक कोई सीबीएसई स्कूल कितने अधिकतम सेक्शन चला सकता है, इसकी संख्या स्कूल के पास उपलब्ध कुल भूमि क्षेत्र के आधार पर निर्धारित की जाती थी। इस नियम अकसर घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में सेक्शन बढ़ाना सीमित हो जाता था। संशोधित नियमों के मुताबिक अब स्कूल प्रत्येक 400 वर्ग मीटर बिल्ट अप एरिया के लिए तीन अतिरिक्त सेक्शन जोड़ सकते हैं।
पुराने सीबीएसई संबद्धता नियमों के तहत किसी स्कूल द्वारा संचालित किए जा सकने वाले सेक्शनों की संख्या उसकी कुल भूमि के आकार पर आधारित होती थी, चाहे उस भूमि के कितने भी हिस्से पर वास्तव में निर्माण हुआ हो। नए नियमों में स्कूल के बिल्ट अप कारपेट एरिया पर फोकस किया गया है जो कि असल में शैक्षणिक कार्यों के लिए इस्तेमाल हो रहा है।
पहले के सीबीएसई संबद्धता नियमों के तहत कक्षा 11 और 12 के लिए जितने सेक्शन खोलने की इजाजत थी, वे स्कूल में चल रहे कुल सेक्शनों की संख्या के एक-तिहाई तक सीमित हो सकते थे। नए नियमों के तहत, कक्षा 9, 10, 11 और 12 के लिए सेक्शनों की संख्या अलग-अलग तय की गई है।
प्रत्येक स्तर पर बालवाटिका से कक्षा 10 या 12 तक, स्कूल में संचालित कुल सेक्शनों की संख्या का अधिकतम एक-चौथाई हिस्सा ही रखा जा सकता है। नई नीति में यह भी कहा गया है कि स्कूलों को स्थानीय निकायों या लाइसेंस प्राप्त आर्किटेक्ट से बिल्ट अप एरिया का सर्टिफिकेट लेना होगा।
एक सेक्शन में 40 छात्र ही पढ़ सकते हैं
सेक्शन मानदंडों में बदलाव के बावजूद सीबीएसई ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पर्याप्त बुनियादी ढांचे को सुनिश्चित करने के लिए प्रति सेक्शन 40 छात्रों की सीमा को बरकरार रखा है।

