इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के एक बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उसने न सिर्फ बयान की कड़ी निंदा की है, बल्कि डोभाल को गैरजिम्मेदार राजनेता भी करार दिया है। पाकिस्तान ने अजित डोभाल पर क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को कमजोर करने का भी आरोप लगाया है।
यह बयान तब आया है, जब ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों में तनाव चरम पर है। भारत ने बार-बार दोहराया है कि ऑपरेशन सिंदूर जारी है और अगर पाकिस्तान फिर कोई हिमाकत करता है तो उसे पिछली बार की तुलना में और कड़ा जवाब दिया जाएगा।
अजित डोभाल ने शनिवार को युवा दिवस के अवसर पर विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग- 2026 में दिए गए भाषण में युवाओं से इतिहास का प्रतिशोध लेने का आह्वान किया था। डोभाल ने कहा था, “इतिहास हमें एक चुनौती देता है। हर युवा के अंदर वो आग होनी चाहिए। प्रतिशोध शब्द अच्छा तो नहीं है लेकिन प्रतिशोध भी अपने आप में भारी शक्ति है। हमें अपने इतिहास का प्रतिशोध लेना है।”
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि डोभाल के ये बयान जिम्मेदार राजनेता के बजाय “काल्पनिक ऐतिहासिक बदले की भावना” को दर्शाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “ये टिप्पणियां छिपे हुए नफरत फैलाने वालों की ओर से आने पर शायद ही आश्चर्यजनक हैं।” अंद्राबी ने कहा, “इस तरह की बातें क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को कमजोर करती हैं।”
डोभाल से पाकिस्तान की पुरानी दुश्मनी
अजित डोभाल और पाकिस्तान की अदावत दशकों पुरानी है। डोभाल ने पाकिस्तान की नाक के नीचे जासूस बनकर काम किया है। वे कई साल पाकिस्तान में स्थित भारतीय उच्चायोग में तैनात रहे हैं। इसके अलावा वे मोदी सरकार में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की रक्षा नीति के आर्किटेक्ट भी माने जाते हैं। 2014 के बाद पाकिस्तान के खिलाफ लगभग जितने सैन्य ऑपरेशन हुए हैं, उन सभी को अजित डोभाल की मंजूरी के बाद अंजाम दिया गया है।

