अजमेर। राजस्थान के अजमेर में आयोजित विशाल जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि अब कांग्रेस ‘INC’ नहीं रही, बल्कि ‘MMC’ बन चुकी है। उन्होंने ‘MMC’ का अर्थ बताते हुए इसे “मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस” करार दिया और आरोप लगाया कि कांग्रेस हताशा और निराशा में देश को बदनाम करने की राजनीति कर रही है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत हाल ही में दिल्ली में आयोजित वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता सम्मेलन का उल्लेख करते हुए की। उन्होंने कहा, “दिल्ली में दुनिया का सबसे बड़ा एआई सम्मेलन हुआ। अनेक देशों के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मंत्री उसमें शामिल हुए। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों के प्रमुख भी एक ही मंच पर जुटे। सभी ने खुले दिल से भारत की प्रशंसा की।”
उन्होंने जनता से सवाल किया, “जब दुनिया के इतने बड़े नेता और उद्योग जगत के दिग्गज भारत की तारीफ करते हैं, तो क्या आपका माथा ऊंचा नहीं होता? क्या आपका सीना गर्व से चौड़ा नहीं होता?” सभा स्थल पर मौजूद समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी के साथ इसका समर्थन किया।
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि जहां एक ओर पूरी दुनिया भारत की उपलब्धियों की सराहना कर रही है, वहीं कांग्रेस विदेशी मेहमानों के सामने देश को बदनाम करने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा, “लगातार हार का सामना कर चुकी कांग्रेस गुस्से में देश को ही बदनाम कर रही है। विदेशी मेहमानों के सामने भारत को बेइज्जत करने का ड्रामा किया गया। यह राजनीति नहीं, देश के सम्मान से खिलवाड़ है।”
अपने भाषण के सबसे चर्चित हिस्से में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर सीधा वैचारिक हमला बोला। उन्होंने कहा, “कभी कांग्रेस ‘इंडियन नेशनल कांग्रेस’ थी, लेकिन आज वह उस रूप में नहीं बची है। आज वह ‘MMC’ बन गई है — मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मुस्लिम लीग ने देश का विभाजन कराया था और आज कांग्रेस भी वैसी ही विभाजनकारी सोच पर चल रही है।
मुस्लिम लीग भारत से नफरत करती थी
प्रधानमंत्री ने कहा, “मुस्लिम लीग भारत से नफरत करती थी, इसलिए देश को बांट दिया गया। माओवादी भी लोकतंत्र से नफरत करते हैं। कांग्रेस की नीतियां और बयानबाजी उसी दिशा में जाती दिख रही है।” उन्होंने जोड़ा कि देश की जनता कांग्रेस के “कुकर्मों” को कभी माफ नहीं करेगी और लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दे रही है।
सभा के दौरान प्रधानमंत्री ने राजस्थान के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया और कहा कि राज्य में डबल इंजन सरकार विकास की रफ्तार को तेज कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विस्तार और तकनीकी प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि नया भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है और वैश्विक मंच पर मजबूती से अपनी बात रख रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, प्रधानमंत्री का यह बयान आगामी चुनावी रणनीति के संकेत देता है, जिसमें राष्ट्रवाद और विकास को प्रमुख मुद्दा बनाकर विपक्ष पर वैचारिक हमले तेज किए जा रहे हैं। वहीं कांग्रेस की ओर से अभी तक इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि पार्टी इसे राजनीतिक ध्रुवीकरण की कोशिश करार दे सकती है।
अजमेर की इस सभा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में भी विशेष बदलाव किए थे। प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान कई बार “भारत माता की जय” और “विकसित भारत” के नारे गूंजते रहे।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा, “देश आज नई ऊंचाइयों को छू रहा है। दुनिया भारत की ताकत को पहचान रही है। लेकिन कुछ लोग निराशा में डूबकर देश की छवि खराब करने में लगे हैं। जनता सब देख रही है और समय आने पर सही फैसला करती है।”
अजमेर की इस जनसभा से प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की कि विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा के मुद्दे पर सरकार आक्रामक रुख अपनाएगी, जबकि कांग्रेस को वैचारिक चुनौती देते हुए उसे कठघरे में खड़ा किया जाएगा। राजनीतिक गलियारों में इस बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इसकी गूंज राष्ट्रीय राजनीति में सुनाई देने की संभावना है।

