डोमिनिका हाई कोर्ट में चोकसी की जमानत याचिका खारिज, जल्द आएगा भारत

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सलाखों के पीछे से अपना हाथ दिखाता मेहुल चौकसी

नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक में 13,500 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी (PNB Bank Scam) के आरोपी भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी अब जल्द शिकंजे में होगा। डोमिनिका हाईकोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। भगोड़े व्यवसायी मेहुल चोकसी के खिलाफ पीएनबी बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने डोमिनिका हाईकोर्ट में अपनी जमानत याचिका का विरोध करते हुए एक हलफनामा दायर किया।

सीबीआई ने हलफनामा में कहा कि वह चोकसी एक अंतरराष्ट्रीय भगोड़ा है और भारत में प्रवर्तन कानून (ईडी) से बचना चाहता है। सीबीआई के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) शारदा राउत ने ये हलफनामा दायर किया। राउत ही डोमिनिका में भारतीय जांच एजेंसियों का नेतृत्व कर रहे हैं। राउत ने अदालत को चोकसी के खिलाफ भारत में पेंडिंग मामले के तथ्यों से अवगत कराया। भारतीय जांच एजेंसियों की ओर से डोमिनिका हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया गया।

इंटरपोल ने जारी किया रेड कॉर्नर
हलफनामे में कहा गया है कि चोकसी कंपनियों की एक चैन के पीछे का मास्टरमाइंड था। उसने बैंक के अधिकारियों के साथ मिलकर प्रक्रियाओं का दुरुपयोग करके गैरकानूनी रूप से क्रेडिट जुटाने की साजिश रची। सीबीआई की ओर से कहा गया कि भारत सरकार की गई शिकायत पर इंटरपोल ने चोकसी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया है। सीबीआई ने डोमिनिका कोर्ट को बताया।

चोकसी को सब कुछ पता है- सीबीआई
सीबीआई ने कहा कि मेहुल चोकसी भारत में कार्यवाही के बारे में पूरी तरह से अवगत है। उसने भारत में वकीलों को नियुक्त किया है और उनमें से एक ने हाल ही में डोमिनिका में हुई घटनाओं के बारे में एक प्रेस इंटरव्यू दिया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि चोकसी ने यह सब दबा दिया है कि भारत में उसके खिलाफ कोई मामला नहीं हैं। मामले के तथ्यों पर ध्यान देने के बाद, डोमिनिका उच्च न्यायालय ने चोकसी की जमानत याचिका खारिज कर दी और कहा कि ये देश से भाग सकता है।