कोरोना को हराने का सबसे अच्छा तरीका अर्थव्यवस्था को फिर से खोला जाए: WHO

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मुंबई। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि कोविड-19 (Covid-19) को हराने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि अर्थव्यवस्था को फिर से खोला जाए। यही एक मात्र रास्ता है। कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए जीवन और आजीविका के बीच कोई और विकल्प नहीं है।

WHO के महानिदेशक (डायरेक्टर जनरल) टेड्रोस अलोम घेब्रेयसस ने जिनेवा में एक वर्चुअल ब्रीफिंग में बताया कि अर्थव्यवस्थाओं को वापस पटरी पर लाने के लिए सबसे तेज तरीका यही है कि वायरस को हराया जाए। इसके लिए जो भी अर्थव्यवस्था खोलना हो उसे खोला जाए।

जी-20 देशों के नेताओं की मुलाकात इसी हफ्ते
उन्होंने कहा कि G-20 देशों के नेता इस सप्ताह के अंत में मिलेंगे। इसमें उन्हें COVAX के बारे में वैश्विक सुविधा प्रदान करने के लिए आर्थिक और राजनीतिक रूप से प्रतिबद्ध होने का अवसर मिलेगा। इसे गरीब देशों के लिए COVID-19 का टीका देने के लिए स्थापित किया गया है।

ज्यादातर देशों ने अर्थव्यवस्था को खोल दिया है
बता दें कि कोविड-19 से लॉकडाउन के बाद ज्यादातर देशों ने अब अपनी अर्थव्यवस्था को खोलना शुरू कर दिया है। खासकर भारत, चीन, जापान और अमेरिका जैसे देशों ने तो बड़े पैमाने पर अपनी अर्थव्यवस्था को फिर से खोल दिया है। जिन देशों में सबसे ज्यादा कोरोना के मामले पाए गए, उन्होंने अपनी अर्थव्यवस्था को पूरा खोल रखा है। सिवाय इसके कि अंतरराष्ट्रीय ट्रैवेल और अन्य कुछ सेक्टर को बंद रखा गया है।

25 मई से एयरलाइंस की शुरुआत
भारत में मई से अर्थव्यवस्था को खोलने की शुरुआत की गई थी। 25 मई से डोमेस्टिक एयर लाइंस शुरू की गई। उसके बाद से अनलॉक के कई चरणों में अलग-अलग सेक्टर खोले गए। अनलॉक के चरणों में हाल में होटल, जिम और धार्मिक स्थलों को खोला गया है। अर्थव्यवस्था को खोलने का ही असर है कि भारत में जीएसटी कलेक्शन, पेट्रोलियम पदार्थों की खपत, बिजली की खपत और अन्य इंडीकेटर्स इस समय कोरोना के पहले के स्तर पर पहुंच गए हैं। यहां तक कि रेलवे और एयरलाइंस से यात्रा करनेवाले यात्रियों की संख्या भी कोरोना के पहले के स्तर पर पहुंच गई है।

जीएसटी कलेक्शन एक लाख करोड़ के पार
बता दें कि अक्टूबर में सकल घरेलू उत्पाद (GST) का कलेक्शन एक लाख करोड़ को पार कर गया तो वहीं शेयर बाजार मंगलवार को 44 हजार के साथ अपने अब तक के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। लोगों की आवाजाही और अन्य सेक्टर खुलने से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। साथ ही जिस तरह से वैक्सीन के जल्द आने का दावा किया जा रहा है इससे आने वाले दिनों में इसमें और सुधार होने की उम्मीद है।