सरसों में एक महिने में 2400 रुपये क्विंटल की तेजी

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कोटा। सरसों में एक महिने में करीब 2400 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आ चुकी है। जिसके कारण ऊपर के भावो मे मुनाफावसूली देखने को मिली। एक अनुमानित सर्वे के अनुसार 40 से 47 लाख टन के आसपास सरसो आ चुकी है। जिसमें से 18 लाख टन को छोड़ कर सब पिराई मे चली गयी है। सरसों की आमदनी काफी कमजोर भी हो चुकी है। सरसों की आमदनी करीब अब 2 लाख क्विंटल के आसपास ही आ रही है।

जिनके पास चाहे सरसों का स्टॉक है। एक्सपेलर वाला हो या मिलर हो, उनका करीब -करीब सरसों का तेल बेचा हुआ है। एक सर्वे के अनुसार इस साल सभी मिलें फायदे मे रहीं । जो एक रिकार्ड बना है। अन्य सालों के मुकाबले जो बहुत ही अच्छी बात है। अभी भी मिलों के पास 1 महीने से 2 महिने तक का स्टाक बताया जा रहा है। इस साल सरकार के पास कोई सरसों का स्टाक नहीं है।

सोयाबीन: सोयाबीन मे एक तरफा तेजी के बाद सोयाबीन मे मुनाफावसूली देखने को मिल रही है। लेकिन सोयाबीन 6800 रुपये प्रति क्विंटल की घटती मुश्किल है। इस महीने फिर सैलर को पिछले महिनो की तरह डब्बे मे पेनल्टी देनी पड़ेगी। सोयाबीन की आवक काफी कमजोर है। lockdown की वजह से महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान की मंडिया बंद हैं । जिसके कारण आमदनी नाम मात्र की है।

चना: चना में लगातार तेजी (1400) के बाद 500 की गिरावट देखने को मिली है। चना में स्टाकिस्टों के कारण लगातार तेजी देखने को मिली। अमुमन राजस्थान की कुछ मंडियो मे वायदे से ऊपर ही चना की ढेरिया बिकती आ रही हैं। चने के वायदे से ढेरियां ऊपर बिकना और स्टाकिस्ट का खरीदना जायज नहीं है। इससे अच्छा है डब्बे से डिलेवरी ले लेवें ताकि 300 का नुकसान तो ना हो। कोरोना की लहर सभी जिंसो की तेजी मे विराम लगा देता है। खपत कम हो जाती है, जिसका अपवाद हमें चने में देखने को मिला। लेकिन आगे समय कैसा रहता है देखने लायक होगा। चने मे मंदी अब ज्यादा नही लगती अपने विवेक से काम करना चाहिए।

खाद्य तेल: इस साल तेलों में अच्छी तेजी देखने को मिली। लेकिन, सबसे बड़ी विचित्र बात यह है कि तेलों में काफी उठापटक देखने को मिलती है। विदेशी बाजार भी काफी मजबूत रहे। जिसका आधार है विदेशों में तेलों की अच्छी तेजी देखने को मिली। इस कारण भारतीय बाजारों को काफी प्रभावित किया है। इनकी एक्सपोर्ट के कारण भारतीय तेलो मे तेजी देखने को मिली है। इससे भारतीय किसानो को सरसों एवं सोयाबीन मे वारे – न्यारे हो गये।

जीरा: जीरे मे आगे भविष्य अच्छा रह सकता है। जीरे का स्टाक घटे भाव मे करना चाहिए। हल्दी मे भी भविष्य अच्छा लग रहा है। हल्दी आने वाले समय मे अच्छा रिर्टन दे सकती है इस पर थोडा ध्यान लगाना चाहिए ।विदेशो मे lockdown खुलने से भारतीय मक्का बाजार मे तेजी देखने को मिल रही है। आगे भी तेजी अच्छी आ सकती है।