कोटा की अर्थव्यवस्था बचाने के लिए व्यापार महासंघ ने मुख्यमंत्री से मांगा सहयोग

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VC के माध्यम से मुख्यमंत्री से लॉकडाउन नहीं लगाने की अपील

कोटा। कोटा व्यापार महासंघ ने बुधवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वार्ता कर कोटा की पूरी वस्तुस्थिति से अवगत करा कर सहयोग मांगा।

कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन एवं महासचिव अशोक माहेश्वरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मुख्यमंत्री से शहर में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखकर राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए किसी भी मायने में संपूर्ण लॉकडाउन नहीं लगाने का आग्रह किया है। अगर ऐसा कदम उठाया तो व्यापार उद्योग एवं रोजगार बुरी तरह से प्रभावित होगा।

जैन एवं माहेश्वरी ने मुख्यमंत्री को बताया कि कोटा की अर्थव्यवस्था की मुख्य धुरी कोचिंग एवं हॉस्टल व्यवसाय है, जिसमें करीब 15000 करोड रुपये का निवेश हुआ है। इस व्यवसाय से करीब 4 लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है। साथ ही कोटा के संपूर्ण ट्रेड चाहे वो रियल स्टेट, स्टेशनरी, किराना, होटल, रेस्टोरेंट, सेनेटरी, बिल्डिंग मटेरियल, जूस सेंटर, खोमचे वाले, ऑटो चालक आदि इससे जुडे हुए हैं। इसी से वे अपना जीवन यापन कर रहे हैं।

कोंचिग एवं हॉस्टल बंद होने से पिछले 11 माह से सभी व्यवसाय पूरी तरह से लॉकडाउन है। माहेश्वरी ने कहा कि पूरे देश में ऐसा कोई व्यवसाय नहीं जो पिछले 11 माह तक पूरी तरह से बंद रहा हो। इससे कोटा की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। अब पुनः लोगों की भारी लापरवाही के चलते पहले से भी अधिक तेजी से फैल रहे कोरोना को लेकर सरकार और हम सब चिंतित हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि कोचिंग क्षेत्र में कोरोना से बचाव के लिए पूरी तरह सतर्कता बरती जा रही है। हम किसी भी हालत में इन क्षेत्रों में कोरोना का फैलाव नहीं होने देंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से व्यापारियों की हालत को देखते हुए कोटा मे किसी भी तरह का लॉकडाउन नहीं लगाने का आग्रह किया है। अगर ऐसा हुआ तो शहर की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से खतरे में पड़ जाएगी।

जैन एवं माहेश्वरी ने मुख्यमंत्री को बताया कि हमने पूरे कोरोना काल में लाखों भोजन एवं राशन के पैकेट पूरे शहर में जरूरतमंदों को बांटे हैं। शहर में किसी को भूखा नहीं सोने दिया। इसके अलावा जनजागृति के माध्यम से लाखों मास्क, सैनिटाइजर मशीनों का वितरण किया। पिछले 12 दिनों से 100 से अधिक वैक्सीनेशन कैंप लगाए, जो राजस्थान में अपने आप में एक मिसाल है।

स्वय सेवी संस्थाओं के साथ जन सहभागिता की वजह से आज पूरे देश में राजस्थान टीकाकरण में दूसरे नंबर पर है। हमारा यही प्रयास होगा कि कि कोटा को टीकाकरण में राज्य में प्रथम स्थान पर लाने के लिए हम पूरा प्रयास करेंगे। माहेश्वरी ने मुख्यमंत्री को बताया कि जिस तरह से कोरोना फिर तेजी से फेल़ा है, उसका सबसे बड़ा कारण पिछले 3 माह से बरती जा रही लापरवाही है। इससे शहर मे अब भयानक स्थिति पैदा हो गई है, जिससे निपटना एक बहुत बड़ी चुनौती बन चुकी है।

कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन एवं महासचिव अशोक माहेश्वरी ने मुख्यमंत्री से कहा कि राज्य सरकार, पुलिस, जिला प्रशासन एवं सभी वर्गों की प्राथमिकता कोरोना पर नियंत्रण करने की है। हमने कोटा के सभी व्यापारियों एवं उद्यमियों की 150 सहयोगी संस्थाओं को पाबंद कर दिया है कि बिना मास्क के किसी को भी अपने प्रतिष्ठान में प्रवेश न दें। साथ ही स्वयं एवं अपने कर्मचारियों को भी हमेशा मास्क लगाकर प्रतिष्ठान पर बैठने, कोरोना गाइड लाइन की पूरी पालना करने को कहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया कि पुलिस एवं जिला प्रशासन भीड़भाड़ वाले इलाकों में जहां से कोरोना अधिक फैल रहा है, बिना मास्क के घूमने वालों पर सख्ती बरतें। कोटा में कोरोना जांच की रिपोर्टों में विलंब हो रहा है, जिसके चलते कहीं कोरोना पॉजिटिव बाजारों में घूम रहे हैं। परिवार के साथ रह रहे हैं, जिससे एक ही परिवार में कहीं व्यक्ति संक्रमित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोटा व्यापार महासंघ की सराहना करते हुए कहा कि पूरे कोरोना काल में सरकारी आंकड़ों के अनुसार कोटा में अव्वल दर्जे की जन सेवा हुई है। राज्य सरकार सभी के हितों की रक्षा करते हुए ऐसा निर्णय लेगी, जिससे कोरोना महामारी से भी बचा जा सके और राज्य की अर्थव्यवस्था भी बनी रहे। उन्होंने कोरोना की भयानक स्थिति को देखते हुए पूरे राज्य की जनता से कोरोना को रोकने के लिए सरकारी गाइडलाइन की पालना करने, मास्क पहनने व सोशल डिस्टेंस रखने की अपील की। साथ ही दायरे में आने वाले व्यक्तियों से वेक्सीन लगाने को कहा है।