राजस्थान में छठी और 7वीं कक्षा के छात्र बिना परीक्षा किए जाएंगे पास

    0
    313

    जयपुर। राजस्थान में छठी और सातवीं कक्षा के बच्चों को बिना परीक्षा प्रमोट किया जाएगा। गहलोत सरकार ने राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते यह फैसला लिया है। निर्णय की जानकारी देते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटसरा ने कहा, ‘छात्र हित में शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लेते हुए कक्षा 6 और 7 के विद्यार्थियों को प्रमोट करने का निर्णय लिया है।’ छठी और सातवीं कक्षाओं के विद्यार्थियों की परीक्षाएं 15 से 22 अप्रैल तक स्कूल लेवल पर होनी थीं।

    शिक्षा विभाग द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि कक्षा 6 और 7 के विद्यार्थियों को स्माइल, स्माइल-2 एवं आओ घर से सीखें कार्यक्रम में किए गए आकलन के अनुसार 15 अप्रैल 2021 से अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा। किसी भी तरह की परीक्षा का आयोजन नहीं किया जाएगा।

    गौरतबल बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच होने जा रही छठी और सातवीं कक्षा की परीक्षा पर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। बढ़ते कोरोना के चलते शहरी इलाकों में 9वीं कक्षा तक के लिए स्कूल 19 अप्रैल तक बंद हैं। स्टूडेंट्स, अभिभावक व शिक्षकों के बीच परीक्षा के आयोजन को लेकर कंफ्यूजन थे।

    इससे पहले राजस्थान सरकार सरकारी स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक मौजूदा शिक्षा सत्र में कोई परीक्षा नहीं कराने का फैसला कर चुकी है। इन कक्षाओं के बच्चों को आकलन के आधार पर अगली कक्षा में प्रोन्नत किया जाएगा।

    आपको बता दें कि रविवार को राज्य में रिकॉर्ड 5,105 संक्रमित मिले। राज्य में 8 दिन में संक्रमण दर 3.68% से बढ़कर 8.89% पर पहुंच गई है।

    इसके साथ ही राज्य में कुल मामलों की संख्या बढ़कर 363793 पहुंच गई। वहीं मरने वालों की संख्या 10 और बढ़कर कुल 2926 हो गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि यदि लोग लापरवाही बरतेंगे तो और सख्त कदम उठाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात के ग्रामीण इलाकों में भी केसोंकी संख्या बढ़ रही है।

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि राजस्थान सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण वाले 10 राज्यों महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश और गुजरात में से एक है।

    बिना परीक्षा 7वीं तक के छात्रों को प्रोन्नत करने वाले राज्यों महाराष्ट्र, तमिलनाडु, असम, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पुदुच्चेरी की सूची में शामिल हो गया है। महाराष्ट्र नने 3 अप्रैल को ऐलान किया था कि पहली कक्षा से 8वीं तक के छात्रों को बिना किसी परीक्षा के पास किया जाएगा। सोमवार को महाराष्ट्र में 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं।