Covid की दूसरी लहर से लड़ने के RBI का नया प्लान, पेमेंट बैंक की लिमिट दोगुनी

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मुंबई। लगातार बढ़ रहे कोरोना के नए मामलों से देश की आर्थिक रिकवरी एक बार फिर प्रेशर में है। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने आर्थिक संकट से टक्कर लेने के लिए मजबूती मोर्चेबंदी कर ली है। नए वित्त वर्ष (2021-22) की पहली मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) ने पेमेंट बैंक की डिपॉजिट लिमिट एक लाख से बढ़ाकर दो लाख कर दी है। इससे ऑनलाइन बैंकिंग को बढ़ावा मिलेगा इसके साथ ही ग्राहकों की सहूलियत बढ़ेगी। RBI के तमाम ऐलान से क्या फायदे होंगे, समझिए चार पाइंट में..

50 हजार करोड़ रुपए की आर्थिक मदद
रिजर्व बैंक ने फाइनेंशियल संस्थानों जैसे नाबार्ड, नेशनल हाउसिंग बैंक और सिडबी के लिए 50 हजार करोड़ रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। इसके तहत नाबार्ड (NABARD) को 25 हजार करोड़ रुपए, नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) को 10 हजार करोड़ रुपए और SIDBI को 15 हजार करोड़ दिए।

डिजिटल पेटेंट कंपनियों के लिए भी NEFT और RTGS सुविधा
RBI ने डिजिटल पेमेंट कंपनियों के लिए नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) और रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) सुविधाओं का दायरा बढ़ाया है। इसके तहत फिनटेक और पेमेंट कंपनियां भी NEFT और RTGS के जरिए पैसे ट्रांसफर कर सकेंगी। अब तक केवल बैंकों के लिए ही यह सुविधा उपलब्ध थी। रिजर्व बैंक के मुताबिक इससे फाइनेंशियल सिस्टम में सेटलमेंट रिस्क को कम करने में मदद मिलेगी और देश में डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज को भी बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

डिजिटल पेमेंट में बदलाव पर काम तेज
डिजिटल पेमेंट में तेजी लाने के लिए RBI ने डिजिटल पेमेंट बैंक की लिमिट को दोगुना कर 2 लाख रुपए कर दिया है। अभी यह पेमेंट बैंकों की डिपॉजिट लिमिट 1 लाख रुपए है। पेमेंट वॉलेट के अपग्रेडेशन पर भी काम किया जा रहा है। जैसे अगर आप गूगल पे या पेटीएम दोनों वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं तो एक-दूसरे के वॉलेट में पैसे ट्रांसफर करना संभव नहीं।

ऐसे में सेंट्रलाइज्ड पेमेंट सिस्टम पर काम किया जा रहा है। इसके तहत वॉलेट से बैंक अकाउंट में आसानी से पैसे ट्रांसफर किए जा सकेगें। गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि यूजर्स को एक वॉलेट से दूसरे वॉलेट में पैसे ट्रांसफर करने की आजादी होनी चाहिए।

TLTRO स्कीम 30 सितंबर तक बढ़ाई गई
शक्तिकांत दास ने कहा कि TLTRO स्कीम की अवधि को अगले छह माह के लिए यानी 30 सितंबर 2021 तक बढ़ाया जा रहा है। Tउन्होंने कहा कि RBI अपने विभिन्न टूल्स के जरिए बाजार में पर्याप्त लिक्विडिटी सपोर्ट देना जारी रखेगा। LTRO का फुल फॉर्म टार्गेटेड लॉन्ग टर्म रेपो ऑपरेशन है। यह एक ऐसा साधन होता है जिससे बैंक रेपो रेट पर रिजर्व बैंक से एक से तीन साल के लॉन्ग टर्म के कर्ज लेते हैं और इसके बदले उन्हें सरकारी या अन्य कोई लंबी अवधि की सिक्योरिटीज जमानत के रूप में रखनी पड़ती है।