घोटाला: आदर्श सोसाइटी की 1498 करोड़ की संपत्तियां कुर्क करने की ED की तैयारी

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जयपुर। देश विदेश के 20 लाख निवेशकों का पैसा हड़पने के मामले में आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी ने इस घोटाले की जांच करके 47500 से अधिक पेज की चार्जशीट कोर्ट में पेश की है। आदर्श घोटाले में मुख्य आरोपी मुकेश मोदी और डायरेक्टर्स सहित 124 लोगों को आरोपी बनाया गया है। कोर्ट में सबूतों के साथ चार्जशीट और संपत्ति कुर्क करने के लिए परिवाद पेश किया गया है।

यह अभियोजन शिकायत राजस्थान, हरियाणा, नई दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों में फैले 1489 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों की कुर्की के लिए दायर की गई है। ईडी के कुर्की आदेश की पुष्टि FMLA न्याय निर्णय अथॉरिटी, नई दिल्ली ने की है।

आदर्श सोसाइटी ने देश प्रदेश के हजारों निवेशकों का हजारों करोड़ रुपए प्रलोभन देकर जमा किया और इसका गलत उपयोग किया, बाद में निवेशकों को उनका पैसा नहीं लौटाया। 2018 में एसओजी ने 28 दिसंबर को आदर्श सोसाइटी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद 22 मार्च 2019 को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया था। 20 लाख निवेशक अपनी जमा पूंजी वापस पाने के लिए इंतजार कर रहे हैं। अब ईडी की कार्रवाई आगे बढ़ने के साथ ही संपत्ति कुर्क होने पर निवेशकों की जमा पूंजी वापस आने का रास्ता बनेगा।

ईडी की जांच में आदर्श घोटाले की परतें खुल गई हैं। जांच में यह पाया गया कि आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड ने अपनी जमा राशि पर ऊंची ब्याज दरों का लालच देकर आम लोगों को लुभाया। लोगों की जमा रकम मुकेश मोदी की कंपनियों,फर्मों और उनके व्यक्तिगत रिश्तेदारों, सहयोगियों को गैरकानूनी तरीके से लोन देने के लिए इस्तेमाल किया गया। लोगों की जमा पूंजी को मुकेश मोदी ने खुद के फायदे के लिए गैरकानूनी तरीके से डायवर्ट किया।

1489 करोड़ की संपत्ति अटैच
आदर्श घोटाले की जांच के दौरान ही ईडी ने 7 अक्टूबर 2019 को आदर्श सोसाइटी की 1489 करोड़ की संपत्ति अटैच की थी। न्याय निर्णय अधिकरण (PMLA), नई दिल्ली ने इस अटैचमेंट की पुष्टि की थी, जिसके बाद ईडी ने 2020 के जुलाई-अगस्त में देश के 7 राज्यों के 19 जिलों में संपत्तियों को कब्जे में ले लिया था।

47500 पेज के सबूत
ईडी के जयपुर रीजनल ऑफिस ने इस पूरे घोटाले ​की जांच में 100 से अधिक व्यक्तियों के बयान दर्ज किए। लाखों पेज और कई टेराबाइट्स डिजिटल डेटा में एकत्रित किए गए सबूतों का विश्लेषण किया। ईडी ने 47500 से अधिक पेज का अभियोजन परिवाद दायर किया गया है