मनसुख हिरेन केस में अब ATS नहीं NIA करेगी की जांच, ठाणे कोर्ट का आदेश

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मुंबई। महाराष्ट्र के मनसुख हिरेन मौत मामले की जांच कौन करेगा इस पर ठाणे सेशन कोर्ट ने फैसला दिया है। सेशन कोर्ट ने एटीएस (ATS) को मनसुख हिरेन की मौत के मामले की जांच रोकने के लिए कहा है, और केस को एनआईए (NIA) को सौंपने की बात कही है।

बता दें, इससे पहले इस पूरे मामले की जांच ATS कर रही थी। ATS ने मंगलवार को कहा था कि, वो आने वाले समय में सचिन वाजे की कस्टडी मांगेगी। इस बीच कोर्ट का फैसला काफी अहम माना जा रहा है। फिलहाल एंटीलिया केस की जांच NIA कर रही है और इस केस में सचिन वाजे 25 मार्च तक उनकी हिरासत में है। इससे पहले मंगलवार को ATS ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा था कि, इस केस में कई और गिरफ्तारियां होंगी। बता दें, ATS मामले में वाजे की भूमिका की जांच कर रही है।

महाराष्ट्र ATS प्रमुख जय जीत सिंह ने मंगलवार को खुलासा करते हुए कहा था कि, ‘मनसुख मामले में अपराध में इस्तेमाल किए गए 14 सिम कार्ड गुजरात की एक कंपनी के नाम पर निलंबित API के आग्रह पर खरीदे गए थे। बुकी नरेश गौड़ ने दोषी सिपाही विनायक शिंदे को सिम कार्ड सौंपा था, दोनों को 21 मार्च की सुबह 9 बजे गिरफ्तार कर लिया गया।’

इस मौत मामले को ATS ने 6 मार्च को संभाला था, ATS ने इस दौरान सहायक पुलिस निरीक्षक (API) सचिन वाजे का 8 मार्च को बयान दर्ज किया था। वाजे ने हिरेन की मौत मामले में अपने लिंक का खंडन किया है।

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह की चिट्ठी के बाद महाराष्ट्र की राजनीति काफी तेज हो गई है। राज्य में बीजेपी गृह मंत्री देशमुख का इस्तीफा मांग रही है। वहीं दूसरी तरफ पवार सरकार का बचाव कर रहे हैं। इस बीच इस पूरे प्रकरण पर महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के घर पर बैठक हुई। जिसमें कमिश्नर नगराले भी मौजूद थे।

आपको बता दें, मुंबई में मुकेश अंबानी के घर के बाहर एक स्कॉर्पियो मिली थी। जिसमें जिलेटीन की 20 छड़ें मिली थी। शुरुआत में जांच मुंबई पुलिस कर रही थी लेकिन कार के मालिक मनसुख हिरेन 5 मार्च को ठाणे में एक नाले के पास मृत मिले थे। जिसके बाद मामले ने एक नया मोड़ आ गया था। हिरेन की पत्नी ने वाजे पर अपने पति की मौत के लिए ज़िम्मेदार होने का आरोप लगाया था, जिसके बाद ATS मामले की जांच कर रही थी।