डिजिटल पेमेंट करने पर जीएसटी में 2% छूट मिलेगी

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नई दिल्ली। अगर आप डिजिटल पेमेंट करते हैं तो आपके लिए चीजें थोड़ी सस्ती हो सकती हैं। सरकार डिजिटल पेमेंट करने की सूरत में सामानों पर लागू जीएसटी दर में 2 प्रतिशत की छूट देने पर विचार कर रही है। नकद भुगतान की प्रथा को कमजोर करने के लिए सरकार की योजना 2,000 रुपये तक के डिजिटल पेमेंट पर लागू हो सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, डिस्काउंट या कैश बैक के रूप में डिजिटल पेमेंट का फायदा देने के प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय, रिजर्व बैंक, कैबिनेट सचिवालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना तकनीक मंत्रालय के बीच विचार-विमर्श चल रहा है।

इसका लक्ष्य भारत को कम नकदी लेनदेन आधारित अर्थव्यवस्था बनाने की सरकार की योजना के मुताबिक सभी तरह के डिजिटल पेमेंट्स और खासकर छोटे लेनदेन करनेवालों को फायदा देने का है।’

सूचना तकनीक मंत्रालय डिजिटल पेमेंट्स को लेकर सरकार के प्रयासों की अगुवाई कर रहा है और इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट्स को और लोकप्रिय बनाने के लिए तरह-तरह के कदम उठाने पर विचार कर रहा है।

हाल ही में हुई एक मीटिंग में 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के ऐलान के बाद डिजिटल पेमेंट सिस्टम्स से लेनदेन की स्थिति का विश्लेषण किया गया। इस मीटिंग में आईटी मिनिस्टर रवि शंकर प्रसाद और वित्त मंत्रालय समेत सरकार के विभिन्न विभागों तथा कैबिनेट सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

दरअसल, डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावे देने की जरूरत का जिक्र खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते रहे हैं। इससे विभिन्न सरकारी विभागों पर डिजिटल पेमेंट को ज्यादा स्वीकृति दिलाने का दबाव है। 71वें स्वतंत्रता दिवस पर मोदी ने लोगों से नकद लेनदेन कम करने की अपील की थी।

सूत्र ने बताया कि डिस्काउंट या कैश बैक का फायदा देने का विचार छोटे लेनदेन करनेवालों के लिए हो रहा है क्योंकि इनकी तादाद बहुत बड़ी है और लोग इतनी रकम तक का लेनदेन नकदी में ही करते हैं।

सूत्र के मुताबिक, ‘2,000 रुपये तक का नकद लेनदेन करनेवालों की तादाद काफी बड़ी है और अगर इन्हें फायदा दिया जाए तो डिजिटल पेमेंट्स को तो बढ़ावा मिलेगा ही, लोग औपचारिक अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से कदम बढ़ाएंगे।

इससे व्यवस्था में मौजूद छेद बंद होंगे और काले धन के खिलाफ लड़ाई को ताकत मिलेगी।’ उन्होंने कहा कि यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है कि सरकार 20 प्रतिशत टैक्स छूट का फायदा कैसे पहुंचाएगी। सूत्र ने कहा, ‘मामला वित्त मंत्रालय के पास है।’

रिजर्व बैंक के मुताबिक, पिछले साल नवंबर में 67 करोड़ डिजिटल पेमेंट्स हुए जो इस साल मार्च में बढ़कर रेकॉर्ड 89 करोड़ पर पहुंच गए। हालांकि, जून महीने में सिर्फ 84 करोड़ ट्रांजैक्शन ही डिजिटल मीडियम से हुए।