कोटा पर्यटन की दृष्टि से विकसित हो, व्यापार महासंघ की जिला प्रशासन से अपील

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कोटा। कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन एवं महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कोटा को पर्यटन मानचित्र पर लाने की मांग को लेकर गुरुवार को जिला कलेक्टर उज्जवल राठौर से भेंट की। महासचिव अशोक माहेश्वरी ने जिला कलेक्टर को बताया कि कोटा में पर्यटन की विपुल संभावनाओं को देखते हुए इस दिशा में सार्थक कदम उठाना अति आवश्यक है।

माहेश्वरी ने कहा कि वर्तमान में चल रहे कोटा में औद्योगिक मंदी एवं औद्योगिक विकास ठप होने के बाद रोजगार के नए साधन एवं यहां की अर्थव्यवस्था को बनाने के लिए कोटा में इंफ्रास्ट्रक्चर की विपुल संभावनाओं को देखते हुए नई दिशा में बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कोरोना काल के 11 माह के लॉकडाउन में हुए कोटा का मुख्य व्यवसाय कोचिंग एवं हॉस्टल व्यवसाय की कमर तोड़ कर रख दी। एक ही दिशा में हुए भारी निवेश से पूरी अर्थव्यवस्था चौपट हो गई एवं हजारों लोग बेरोजगार हो गए। आगे भी इस प्रकार की कुछ अनहोनी हो जाती तो निश्चित ही कोटा की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ यहां के लोगों का रोजगार छिन जाएगा और बेरोजगारी बढ़ जाएगी।

कोटा को पर्यटन के मानचित्र पर लाने के लिए वर्तमान में चल रहे विकास कार्य जिसमें चंबल रिवर फ्रंट, चंबल नदी पर क्रूज चलाने के साथ-साथ राजस्थान के तीसरे बड़े टाइगर रिजर्व मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में वर्ष 2018 में टाइगर आने के बाद जिस गति से इसके विकास की प्रक्रिया शुरू हुई थी, उसमें अवरोध पैदा हो गया है। भारत सरकार द्वारा नवंबर 2020 को मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व को इको सेंसेटिव जोन घोषित कर राज्य सरकार को 2 वर्ष की अवधि में इस जॉन का जोनल मास्टर प्लान तैयार करने को को कहा गया है, जिसमें 3 गांव के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र भी इसके अंदर आ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि कोटा के व्यापारी उद्यमी एवं ग्रामीणों ने इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए यहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निवेश करने को तैयार है। यह कोटा के पर्यटन विकास अर्थव्यवस्था एवं रोजगार से जुड़ा हुआ मसला है। कोटा को संपूर्ण पर्यटन नगरी बनाने के लिए इस क्षेत्र का विकसित होना अति आवश्यक है। इसकी यहां अपार संभावनाएं हैं। इससे यहां पर रोजगार के नए अवसर मिलेगें ।

प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से फॉरेस्ट एवं पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के इको सेंसेटिव जोन में पर्यटन मास्टर प्लान बनाते हुए उसके विकास का मार्ग प्रशस्त करने की अपील की। कलेक्टर उज्जवल राठौर ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि हाड़ौती में आने वाले समय में पर्यटन की दृष्टि से सभी सार्थक कदम उठाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कोटा को पर्यटन के दृष्टिकोण से देश के मानचित्र पर लाने के लिए राज्य सरकार के सकारात्मक प्रयास चल रहे हैं।

कोटा में चल रहे विकास कार्यों एवं मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व को विकसित करने के लिए शीघ्र ही इससे संबंधित विभागों के साथ एक बैठक आयोजित कर इस दिशा में ठोस निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोटा में आए औद्योगिक ठहराव के लिए भी राज्य सरकार चिंतित है जिसके लिए सभी को मिलकर ऐसा माहौल बनाना होगा जिससे कोटा में औद्योगिक विकास को गति मिल सके।