देवनारायण आवासीय योजना : राजस्थान का पहला कैटल फ्री शहर बनेगा कोटा

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कोटा। कोटा राजस्थान का पहला कैटल फ्री शहर बनेगा। शहर की सड़कें पशु मुक्त हाे सकें, इनसे होने वाली दुर्घटनाएं न हो और शहर के पशुपालक सम्मानजनक जीवन जी सकें, इस उम्मीद के साथ 300 करोड़ की लागत से बनने वाली प्रदेश की पहली देवनारायण नगर एकीकृत आवासीय योजना पर काम शुरू हो गया है।

कोटा बाईपास पर धर्मपुरा की 108 हेक्टेयर भूमि पर बन रही इस योजना में शहर की काॅलोनियों और मुख्य सड़काें के किनारे बसे 900 पशुपालकाें काे यहां शिफ्ट किया जाएगा। यह राजस्थान की पहली ऐसी याेजना है, जिसमें पशुपालकाें काे बाड़ाें के साथ रहने और उनकी मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति की जा रही है। उनके लिए हर तरह से सुविधायुक्त नया कस्बा बसाया जा रहा है। यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल इस योजना के पहले चरण के लिए लाॅटरी भी निकाल चुके हैं।

  • फायदे
    1 पशुपालकों के लिए बसेगा सभी सुविधा युक्त कस्बा
  • 2 शहर में पशुओं से होने वाले हादसे रुकेंगे
  • 3 गंदगी और अतिक्रमण से मुक्त होगा कोटा शहर

ये सुविधा हाेगी याेजना में

  • पशुपालकों के लिए आवास मय शेड, गोदाम, हाट बाजार, मानव एवं पशु चिकित्सालय, स्कूल, डेयरी उत्पाद बेचने का स्थान, बायोगैस प्लांट की व्यवस्था रहेगी।
  • सामुदायिक शौचालय एवं मेला ग्राउंड, रंगमंच, पानी, अंडरग्राउंड बिजली, सामुदायिक सुविधा केंद्र आदि रहेगा।
  • परिसर में प्रवेश के लिए सिंहद्वार बनेगा।

900 पशुपालक शिफ्ट होंगे इस कॉलोनी में
यूआईटी के सर्वे में सामने आया कि शहर में लगभग 900 से ज्यादा पशुपालक हैं, जिनमें से करीब 50 फीसदी अतिक्रमण कर पशुपालन रह रहे हैं। शहर में कुल पशुओं की संख्या लगभग 14 हजार है, जिनमें से अधिकांश सड़काें पर रहते हैं। इस वजह पशुपालकाें के पास पर्याप्त बाड़े नहीं होना है। ये सभी इस कॉलोनी में शिफ्ट किए जाएंगे। यहां पशुपालकों के लिए सारी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। दूध बेचने के लिए बड़ी मंडी भी बनाई जाएगी। पशुपालकों की अतिरिक्त आय के लिए उनसे गोबर खरीदा जाएगा , जो बायोगैस प्लांट में इस्तेमाल किया जाएगा।