फॉर्म 26AS में GST कारोबार को लेकर करदाता पर अनुपालन का बोझ नहीं पड़ेगा

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नई दिल्ली। राजस्व विभाग ने कहा है कि आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि कुछ लोग माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में करोड़ों रुपये का कारोबार दिखा रहे हैं, लेकिन एक रुपये के आयकर का भी भुगतान नहीं कर रहे है। विभाग ने घोषणा की है कि ईमानदार करदाताओं के लिए फॉर्म 26एएस में जीएसटी कारोबार के आंकड़ों को दिखाने से संबंधित जरूरत में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।

राजस्व विभाग (डीओआर) की ओर से सोमवार को जारी बयान में कहा गया है कि फॉर्म 26एएस में दिखाए गए जीएसटी कारोबार के विवरण से करदाताओं पर अनुपालन का किसी तरह का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। यह वार्षिक कर ब्योरा है। करदाता आयकर विभाग की वेबसाइट पर अपने स्थायी खाता संख्या (पैन) के जरिये इसे प्राप्त कर सकते हैं। विभाग ने कहा, ‘‘26एएस में दिखाया गया जीएसटी कारोबार सिर्फ करदाताओं की सूचना के लिए है।

राजस्व विभाग को इस बात की जानकारी है कि दाखिल किए गए जीएसटीआर-3बी और फॉर्म 26एएस में दिखाए गए जीएसटी में कुछ अंतर हो सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हो सकता कि कोई व्यक्ति जीएसटी में करोड़ों रुपये का कारोबार दिखाए और एक भी रुपये का आयकर नहीं दे।

आंकड़ों के विश्लेषण में इस तरह के कुछ मामले पकड़े आए हैं।’’ विभाग ने कहा, ‘‘फॉर्म 26एएस में जीएसटी कारोबार से संबंधित सूचना की जरूरत को लेकर किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है, क्योंकि ईमानदार करदाता पहले से जीएसटी रिटर्न और आयकर रिटर्न दाखिल कर रहे हैं और कारोबार की सही जानकारी दे रहे हैं।’’