कोटा नगर निगम: महापौर के चुनाव में इसलिए फूटे सिर

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कोटा। कोटा दक्षिण निगम के निर्दलीय पार्षद लेखराज योगी को लेकर पिछले दो दिनों से खींचतान चल रही थी। मतदान करने लेखराज को भी आना था। वो भाजपा खेमे की बस में मतदान करने पहुंचे। ऐसे में कांग्रेस नेता व समर्थकों ने बस को घेर लिया और रुकवा लिया। साथ ही लेखराज को बाहर निकालने की मांग की। उसके माता-पिता को भी बस के बाहर खड़ा कर दिया गया।

इस पर खिड़की से बाहर निकले लेखराज योगी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मीडिया के सामने अपशब्द कर दिए। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने भी लेखराज को बाहर निकलने को कहा। बस के भीतर भाजपा के नेताओं ने लेखराज को अंदर किया। जब बस लॉस्ट स्टॉप पर पहुंची तो वहां भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेराव जारी रखा, ऐसे में भाजपा पार्षदों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हटाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने।

इसके बाद पुलिस ने बस को अंदर की तरफ भेजने की अनुमति दे दी। इस पर कांग्रेस कार्यकर्ता ये विरोध करने लगे कि जब कांग्रेस के पार्षदों को यहीं उतारा गया तो भाजपा के पार्षदों को अंदर क्यों जाने दिया जा रहा है। उन्होंने नारे लगाना भी शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख रास्ता साफ करने के लिए पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर डंडे बरसाए और पार्षदों को मतदान केन्द्र तक पहुंचाया। इसके बाद भी दो बार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस लाठीचार्ज का विरोध किया, जिस पर भी पुलिस ने उन्हें डंडे फटकार कर भगाया। इसके बाद करीब एक घंटे तक सीएडी सर्किल पर जमकर हंगामा होता रहा, बार-बार अफरा-तफरी की स्थिति बनती रही। इस दौरान पुलिस को तीन बार लाठीचार्ज करना पड़ा।

घायलों से मिलने पहुंचे यूडीएच मंत्री धारीवाल
लाठीचार्ज में घायल कार्यकर्ताओं को एमबीएस चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जैसे ही इसकी जानकारी यूडीएच मंत्री को लगी तो वह उनसे मिलने एमबीएस अस्पताल पहुंचे और कुशलक्षेम पूछी। इस दौरान उन्होंने घायलों से घटना की जानकारी भी ली। उनके साथ डॉ. जफर मोहम्मद व अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता थे। उधर, लाठीचार्ज का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया। हाड़ौती विकास मोर्चा के संभागीय अध्यक्ष और कांग्रेस प्रवक्ता राजेंद्र सांखला ने यूडीएच मंत्री को पूरे मामले से अवगत कराया।

उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने जान बूझकर भाजपा के पार्षदों की बस को अंदर भेजा है, जबकि सभी को सीमा के बाहर रोका जाना चाहिए था, साथ ही कार्यकर्ता उत्साह में नारेबाजी कर रहे थे। वहीं कार्यकर्ता ये मांग कर रहे थे कि निर्दलीय पार्षद लेखराज योगी से उनके माता-पिता को मिलने दिया जाए। इसके बाद इस पूरे मामले में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बातचीत की और उसके बाद ही पूरे मामले में राज्य सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

प्रशासनिक जांच के लिए गृह सचिव एलएन मीणा को कोटा भेजा जाएगा। वह जल्दी कोटा आकर जांच करेंगे। साथ ही सांखला ने आपत्ति जताई है कि जिस तरह से पुलिस अधिकारी बर्ताव कर रहे थे, वहां पर कोई भी लाठीचार्ज की आवश्यकता नहीं थी। ऐसे में दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही भी होनी चाहिए। घायल हुए कार्यकर्ताओं से यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल एमबीएस अस्पताल में भी मिलने पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली।

9 कांग्रेस कार्यकर्ता हुए घायल
पुलिस लाठीचार्ज में 9 कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हुए, जिन्हें एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब दो दर्जन से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चोटें आई, इनमें शाहिद मुल्तानी, जयंत सिंह, श्याम जादौन, बाबु खां, दिलीप पाठक, अब्दुल कुरैशी, हकीम खान एवं प्रिंस को चोटें आई हैं। शाहिद मुल्तानी के सिर पर चोट आने से बहुत खून बहा।

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