आम आदमी की पहुंच से दूर हुआ आलू-प्याज, दाल बिगाड़ रही किचन का बजट

0
125

नई दिल्ली। असेंशिल फूड आइटम की औसत कीमत में पिछले एक साल में काफी तेजी आई है। इसमें सबसे ज्यादा तेजी आलू की कीमत में आई है। पिछले एक साल में आलू की रीटेल औसत कीमत में 92 फीसदी, प्याज की कीमत में 44 फीसदी की तेजी आई है। वर्तमान में आई तेजी को लेकर एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह तेजी तात्कालिक है। सप्लाई में तेजी आते ही कीमत घटने लगेगी।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की तरफ से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, होलसेस में आलू की औसत कीमत में पिछले एक साल में 108 पर्सेंट की तेजी आई है। यह 1739 रुपये प्रति क्विंटल से 3633 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच चुकी है। होलसेल में प्याज की औसत कीमत में 47 फीसदी की तेजी आई है। यह एक साल पहले 1739 रुपये प्रति क्विंटल थी

दाल भी बिगाड़ रहे किचन का बजट
आलू-प्याज के अलावा दाल की कीमत में भी काफी तेजी आई है। इससे किचन का बजट बिगड़ गया है। उड़द दाल में 27.4 फीसदी, पाम ऑयल में 24 फीसदी, अड़हर दाल में 23 फीसदी, मसूर दाल में 21.8 फीसदी और मूंग दाल में 20 फीसदी की तेजी आई है।

158 फीसदी की तेजी
पिछले पांच सालों में रीटेल में आलू की औसत कीमत में 158 फीसदी की तेजी आई है। यह 16.7 रुपये प्रति किलो से 43 रुपये किलो तक पहुंच चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, अगर आलू की कीमत में और तेजी आती है तो सरकार इस पर स्टॉक लिमिट नियम लागू कर सकती है।

आलू की पैदावार घटी
इस साल आलू की पैदावार में भी काफी गिरावट आई है। उत्तर प्रदेश में देश में सबसे ज्यादा आलू की पैदावार होती है। इस साल यूपी में 12.4 मिलियन टन आलू की पैदावार हुई। पिछले साल यह 15.5 मिलियन टन रही थी। पश्चिम बंगाल में आलू की पैदावार इस साल 9 मिलियन टन रही, पिछले साल यह 11 मिलियन टन रही थी। सरकार ने आलू की मांग को पूरा करने के लिए भूटान से 30 हजार टन आलू आयात का फैसला किया है।

प्याज की बात करें तो अभी तक 7000 टन प्याज का आयात किया जा चुका है। दिवाली तक 25000 टन प्याज और आयात किए जाएंगे। नाफेड ने 20 नवंबर तक 15 हजार टन लाल प्याज आयात के लिए बोली मांगी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here