पुलवामा आतंकी हमले को लेकर राजनीति करने वाले अब हुए बेनकाब: पीएम मोदी

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नई दिल्ली। पुलवामा हमले को लेकर पाकिस्तान के संसद में इमरान के मंत्री के कबूलनामें के बाद पीएम मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। प्रधानमंत्री ने पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए कहा कि जब हमारे देश के जवान शहीद हुए थे उस वक्त भी कुछ लोग राजनीति में लगे हुए थे। ऐसे लोगों को देश भूल नहीं सकता है। पीएम मोदी ने ऐसे दलों के नेताओं पर बरसते हुए कहा कि कि उस वक्त वे सारे आरोपों को झेलते रहे, भद्दी भद्दी बातें सुनते रहे। मेरे दिल पर गहरा घाव था। लेकिन पिछले दिनों पड़ोसी देश से जिस तरह से खबरें आई है, जो उन्होंने स्वीकार किया है, इससे इन दलों का चेहरा उजागर हो गया है।

पीएम मोदी ने कहा कि जब मैं अर्धसैनिक बलों की परेड देख रहा था, तो मन में एक और तस्वीर थी। ये तस्वीर थी पुलवामा हमले की। देश कभी भूल नहीं सकता कि जब अपने वीर बेटों के जाने से पूरा देश दुखी था, तब कुछ लोग उस दुख में शामिल नहीं थे, वो पुलवामा हमले में अपना राजनीतिक स्वार्थ देख रहे थे। देश भूल नहीं सकता कि तब कैसी-कैसी बातें कहीं गईं, कैसे-कैसे बयान दिए गए। देश भूल नहीं सकता कि जब देश पर इतना बड़ा घाव लगा था, तब स्वार्थ और अहंकार से भरी भद्दी राजनीति कितने चरम पर थी।

न अपना भला कर पाएंगे न ही देश का’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल की दुहाई देते हुए राजनीतिक दलों से कहा कि मैं ऐसे राजनीतिक दलों से आग्रह करूंगा कि देश की सुरक्षा के हित में, हमारे सुरक्षाबलों के मनोबल के लिए, कृपा करके ऐसी राजनीति न करें, ऐसी चीजों से बचें। अपने स्वार्थ के लिए, जाने-अनजाने आप देश विरोधी ताकतों की हाथों में खेलकर, न आप देश का हित कर पाएंगे और न ही अपने दल का।

उजागर हुआ दलों का चेहरा
प्रधानमंत्री ने पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए कहा कि जब हमारे देश के जवान शहीद हुए थे उस वक्त भी कुछ लोग राजनीति में लगे हुए थे। ऐसे लोगों को देश भूल नहीं सकता है। पीएम ने कहा कि उस वक्त वे सारे आरोपों को झेलते रहे, भद्दी भद्दी बातें सुनते रहे। मेरे दिल पर गहरा घाव था। लेकिन पिछले दिनों पड़ोसी देश से जिस तरह से खबरें आई है, जो उन्होंने स्वीकार किया है, इससे इन दलों का चेहरा उजागर हो गया है।

राजनीतिक स्वार्थ के लिए पार की सारी हदें
पीएम ने कहा कि जिस प्रकार वहां की संसद में सत्य स्वीकारा गया है, उसने इन लोगों के असली चेहरों को देश के सामने ला दिया है। अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए, ये लोग किस हद तक जा सकते हैं, पुलवामा हमले के बाद की गई राजनीति, इसका बड़ा उदाहरण है।

पाकिस्तान के मंत्री ने मानी पुलवामा हमले की बात
पाकिस्तान की इमरान खान सरकार में मंत्री फवाद चौधरी ने गुरुवार को संसद में माना कि पुलवामा में CRPF के काफिले पर हुए हमले में पाकिस्तान का हाथ था। उन्होंने कहा कि पुलवामा हमला पाकिस्तान की कामयाबी है। फवाद चौधरी ने पुलवामा हमले का श्रेय इमरान खान और उनकी पार्टी PTI को दिया। उन्होंने कहा कि पुलवामा हमला इमरान खान के लिए एक उपलब्धि है।

पीएम मोदी पर विपक्ष ने लगाए थे आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उस साल फरवरी में केंद्र पर हमला करते हुए आरोपों के संदर्भ में कई सवाल पूछे थे और ये भी कहा था कि बीजेपी को ऐसे नृशंस हमले से फायदा हो सकता है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर पुलवामा हमले पर तीन सवाल पूछे थे। उन्होंने लिखा था कि जब हम पुलवामा के चालीस शहीदों को याद कर रहे हैं, तब हमें पूछना चाहिए…पुलवामा आतंकी हमले से किसे सबसे ज्यादा फायदा हुआ? पुलवामा आतंकी हमले को लेकर हुई जांच से क्या निकला? सुरक्षा में चूक के लिए मोदी सरकार में किसकी जवाबदेही तय हुई? वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद ने भी आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष इमरान खान के बीच “मैच फिक्सिंग” हुई थी, जिससे पुलवामा में आतंकी हमला हुआ था। इससे पहले, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने गांधी और कांग्रेस पार्टी पर हमला किया था।

केजरीवाल ने लगाए थे पीएम पर गंभीर आरोप
अरविंद केजरीवाल ने भी एक विवादित ट्वीट करके था कहा कि ‘पाकिस्तान और इमरान खान खुलकर मोदी जी का समर्थन कर रहे हैं। अब यह स्पष्ट है कि मोदी जी ने कोई गुप्त समझौता किया है।’ अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘हर कोई पूछ रहा है- क्या लोकसभा चुनाव से पहले मोदी जी की मदद के लिए पाकिस्तान ने 14 फरवरी को हमारे 40 बहादुर जवानों को मार दिया?’

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