केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ संशोधन विधेयक लाएगी राजस्थान सरकार

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जयपुर। केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के विरोध में गहलोत सरकार शनिवार से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने जा रही है। इस सत्र में सरकार केंद्र सरकार की ओर से पारित कृषि कानूनों के विरोध में संशोधन प्रस्ताव लाने की बात कह रही है। इसके अलावा मास्क की अनिवार्यता सहित चार विधेयक और रखे जाने हैं। ये सभी विधेयक शनिवार को ही विधानसभा के पटल पर रख दिए जाएंगे। इसके बाद बीएसी की बैठक में इन पर चर्चा के लिए समय तय कर लिया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक विधानसभा का यह विशेष सत्र मंगलवार तक चलाया जा सकता है। हालांकि इसमें पूर्व के लंबित बिलों को भी रखा जाना है। गौरतलब है, केंद्र सरकार की ओर से कृषि विपणन कानून लाए जाने का कांग्रेस देश भर में यह कहकर विरोध कर रही है कि इसमें एमएसपी पर खरीद की अनिवार्यता का प्रावधान नहीं किया गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सभी कांग्रेस शासित राज्यों से अपील की थी कि वे अपनी विधानसभाओं में केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में संशोधन विधेयक लाएं। पंजाब इस मामले में पहले चार संशोधन विधेयक पारित करवा चुका है। इसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी राजस्थान में इस तर्ज पर संशोधन विधेयक जल्द लाने की बात कही थी। बताया जा रहा है कि पंजाब सरकार की तर्ज पर गहलोत सरकार भी प्रदेश में किसानों से फसल खरीद में एमएसपी की अनिवार्यता का प्रावधान लागू कर इसके उल्लंघन पर सजा का प्रावधान करना चाहती है।

ये विधेयक सदन में रखे जाएंगे

  • कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य संवर्धन और सरलीकरण राजस्थान संशोधन विधेयक 2020
  • कृषक सशक्तिकरण और संरक्षण कीमत आश्वासन व कृषि सेवा पर करार राजस्थान संशोधन बिल 2020
  • आवश्यक वस्तु विशेष उपबंध और राजस्थान संशोधन विधेयक 2020
  • सिविल प्रक्रिया संहिता राजस्थान संशोधन बिल 2020

भाजपा करेगी विरोध : राठौड़
केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ राजस्थान सरकार विधेयक ला रही है। इसे लेकर राजस्थान विधानसभा का सत्र शनिवार को शुरू हो रहा है। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने इसे संघवाद की भावना के विपरीत बताया है। राठौड़ ने कहा कि संविधान में अधिकार नहीं होते हुए भी प्रदेश सरकार राजस्थान विधानसभा में केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि और कृषि व्यापार से जुड़े तीन कानूनों में दखल देने की कोशिश कर रही है। इन विधेयकों का बीजेपी पुरजोर तरीके से विरोध करेगी।

उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र तो बेशक बुलाया जाना चाहिए, लेकिन इस सत्र में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट को लेकर चर्चा होना चाहिए। यह भी चर्चा होनी चाहिए कि प्रदेश में लगातार तेजी से बढ़ रहे अपराधों की रोकथाम आखिर कैसे हो? गुर्जरों आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने के सवाल पर राठौड़ ने कहा कि अगर सरकार केंद्र सरकार को कोई प्रस्ताव भेजेगी तो हम केंद्र सरकार से आग्रह करेंगे कि उसे स्वीकार करे।

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