ईपीएफ अंशदान में एक फीसद का इजाफा कर सकती है सरकार

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नई दिल्ली । संगठित क्षेत्र में नौकरी के नए अवसर सृजित करने के लिए सरकार प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना (पीएमआरपीवाई) के तहत कर्मचारियों के कर्मचारी भविष्य निधि में योगदान बढ़ाने का विचार कर रही है। इसमें बेसिक पे का एक फीसद हिस्सा बढ़ाया जा सकता है।

सरकार ने यह स्कीम बीते वर्ष अगस्त में लॉन्च की थी। सरकार रोजगार के पहले तीन वर्षों के दौरान कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के अंतर्गत उन कर्मचारियों का ईपीएस (इम्प्लॉई पेंशन स्कीम) योगदान का पूरा हिस्सा भुगतान करने के लिए बाध्य है, जिनका वेतन 15,000 रुपये प्रति माह है। 

ईपीएफ के कुल योगदान में से 8.33 फीसद ईपीएस में, 3.67 फीसद ईपीएफ में, 0.65 फीसद एडमिनिस्ट्रेटिव, 0.5 फीसद इम्प्लॉई डिपॉजिट लिंक्ड (ईडीएलआई) स्कीम में और 0.01 फीसद ईडीएलआई के मेंटेनेंस में जाता है।

पीएमआरपीवाई के तहत ईपीएस का हिस्सा सरकार की ओर से उपलब्ध कराया जाता है ताकि कंपनियां बेरोजगार लोगों को नौकरी देने के लिए प्रोत्साहित हों और असंगठित कर्मचारियों को पेरोल पर लाएं।

पीएमआरपीवाई को अब तक सुस्त प्रतिक्रिया मिली है। इसमें केवल 6588 इस्टेबिलिशमेंट्स ने ही इस योजना का लाभ उठाया है और करीब तीन लाख कर्मचारियों ने 30 जून, 2017 तक इसमें एनरोल किया है। इस योजना के लिए 1000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था, लेकिन अब तक महज 31 करोड़ रुपये ही इसके लिए खर्च किये गये हैं।