मुंबई पुलिस ने रिपब्‍लिक भारत TV के रिपोर्टर को गैर क़ानूनी रूप से हिरासत में रखा

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मुंबई। कंगना रनौत मामले में मुंबई पुलिस पर शनिवार को रिपब्लिक भारत के कंसल्टिंग एडीटर प्रदीप भंडारी को 9 घंटे गैर क़ानूनी तरीके से हिरासत में रखने का आरोप लगा है। पुलिस हिरासत से छूटने के बाद प्रदीप भंडारी ने लाइव टीवी पर अर्नब गोस्वामी के साथ बातचीत में आपबीती सुनायी। इस दौरान प्रदीप भंडारी ने कहा कि कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत के बावजूद उन्हें समन के नाम पर न्यायिक हिरासत में रखने की कोशिश की गई।

भंडारी ने बताया कि मुंबई पुलिस ने उनके मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं और उनसे कई घंटे की पूछताछ के दौरान उनका शारीरिक उत्पीड़न करने की भी कोशिश की गई। भंडारी के अनुसार, जब उन्होंने पुलिसकर्मियों से उन्हें हिरासत में रखने और उनके फोन जब्त करने के बारे में पूछा तो उन्हें बताया गया कि ऊपर से ऑर्डर हैं। इसके बाद भंडारी ने मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह पर कई आरोप लगाए।

भंडारी ने ये भी बताया कि पुलिस ने उनके फोन जब्त कर लिए और उन्हें पंचनामा भी नहीं दिया जा रहा था। जब उन्होंने पंचनामे की मांग की तब जाकर पुलिस ने पंचनामा भरा। भंडारी ने पुलिस पर अलोकतांत्रिक तरीके से काम करने का आरोप लगाया। वहीं स्टूडियो में बैठे अर्नब गोस्वामी ने इस मुद्दे को राष्ट्रपति के पास ले जाने की बात कही। अर्नब गोस्वामी ने भी पुलिस कमिश्नर की आलोचना की।

बता दें कि प्रदीप भंडारी पर आरोप है कि जब बीएमसी ने मुंबई में फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के बंगले में तोड़-फोड़ की, उस वक्त कथित तौर पर प्रदीप भंडारी ने वहां लोगों की भीड़ जमा कर सरकारी कामकाज में खलल डालने की कोशिश की। हालांकि इस मामले में प्रदीप भंडारी ने सेशन कोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली थी।

जिसके बाद शनिवार को मुंबई पुलिस के खार पुलिस स्टेशन से प्रदीप भंडारी को समन भेजकर बुलाया गया और आरोप है कि पुलिस ने भंडारी को 10 घंटे तक हिरासत में रखा। प्रदीप भंडारी का आरोप है कि यह कोर्ट के आदेश की अवहेलना है।

खार पुलिस स्टेशन के बाहर मौजूद रिपब्लिक टीवी के पत्रकारों ने जब प्रदीप भंडारी के फोन जब्त करने की वजह जाननी चाही तो पुलिस ने उन्हें पुलिस स्टेशन से बाहर जाने को कह दिया लेकिन कोई साफ जवाब नहीं दिया।