फिल्म का नाम ‘लक्ष्मी बम’ क्यों रखा? डायरेक्टर राघव लॉरेंस ने बताई वजह

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मुंबई। अक्षय कुमार और कियारा आडवाणी स्टारर और राघव लॉरेंस निर्देशित फ़िल्म ‘लक्ष्मी बम’ 9 नवंबर को रिलीज़ होने वाली है। हॉरर कॉमेडी कहानी पर आधारित यह फ़िल्म तमिल फ़िल्म ‘कांचना’ की रीमेक है। फिल्म के निर्देशक राघव लॉरेंस ने फ़िल्म के टाइटल को लेकर कहा है कि अधिक से अधिक दर्शकों को अपील करने और उन्हें फ़िल्म से जोड़ पाने की कोशिश में इस टाइटल का चुनाव किया गया है।

राघव लॉरेंस का कहना है कि फ़िल्म में जो मैसेज दिया गया है और जो उसकी थीम है, उसके हिसाब से फ़िल्म का नाम ‘लक्ष्मी बम’ ज़्यादा उचित है। उन्होंने कहा, ‘हमारे तमिल फ़िल्म का नाम उसके मुख्य कलाकार कांचना के नाम पर था। कांचना का मतलब होता है सोना, जो कि लक्ष्मी का ही एक रूप है। पहले हमने हिंदी रीमेक के लिए भी यही नाम रखने की सोची थी लेकिन फिर सबने बाद में मिलकर यह निर्णय लिया कि नाम ऐसा हो जो कि हिंदी के दशकों को अपील करे और लक्ष्मी से ज़्यादा अच्छा क्या हो सकता था।’

इस फ़िल्म में अक्षय कुमार एक ट्रांसजेंडर की भूमिका में नजर आने वाले हैं। राघव लॉरेंस ने अपने एक बयान में कहा कि फिल्म का नाम इसके मुख्य ट्रांसजेंडर किरदार पर बिल्कुल फिट बैठता है। उन्होंने कहा, ‘भगवान की कृपा से, यह फ़िल्म एक पटाखा बनने वाली थी इसलिए हमने इस फ़िल्म का नाम लक्ष्मी बम रखा। लक्ष्मी बम का धमाका मिस नहीं किया जा सकता। इसका मुख्य किरदार, जो कि एक ट्रांसजेंडर है, बहुत ही पावरफुल और रेडिएंट है। इसलिए फ़िल्म का नाम पूरी तरह परफेक्ट है।’

राघव लॉरेंस का कहना है कि फ़िल्म हॉरर और कॉमेडी के माध्यम से ट्रांसजेंडर समुदाय को लेकर एक गहरा सामाजिक संदेश देती है। राघव लॉरेंस ने आगे कहा, ‘कांचना जब तमिल में रिलीज़ हुई तब उस फ़िल्म को ट्रांसजेंडर समुदाय की तरफ़ से बहुत प्रशंसा मिली थी। वे लोग मेरे घर आकर मुझे आशीर्वाद दे गए थे। हिंदी में यह किरदार अक्षय सर निभा रहे हैं, और मुझे यकीन है कि संदेश पहले से ज़्यादा दर्शकों तक पहुंचेगा। अक्षय सर ने इस रोल के लिए हां कर दिया और इसके लिए मैं उन्हें विशेष रूप से धन्यवाद देता हूं।’

राघव लॉरेंस ने यह भी बताया कि उन्हें ‘कांचना’ के लिए आइडिया कहा से मिला। वो कहते हैं कि जब कुछ ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग उनके द्वारा चलाए जा रहे ट्रस्ट में आए और उन्होंने उनकी कहानियां सुनी तब उनके दिमाग में आया कि उस आइडिया को बड़े पर्दे पर आकार दें। उन्होंने कहा, ‘मैं उनकी कहानियां सबको सुनना चाहता था, पहले कांचना के जरिए और अब लक्ष्मी बम के जरिए। इस फ़िल्म को देखने के बाद दर्शक जान पाएंगे कि मैं क्या कहना चाहता हूं।’