आयकर विभाग ने 27.55 लाख करदाताओं को दिया 1,01,308 करोड़ रुपए का रिफंड

0
45

नई दिल्ली। इनकम टैक्स विभाग ने गुरुवार को बताया कि चालू वित्त वर्ष में अब तक 27.55 करदातों को 1,01,308 करोड़ रुपए का रिफंड जारी किया जा चुका है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) के अनुसार , इसमें से 30,768 करोड़ रुपए का रिफंड पर्सनल इनकम टैक्स के रूप में 25.83 लाख करदाताओं को दिया गया है। वहीं, 1.71 लाख से ज्यादा करदाताओं को 70,540 करोड़ रुपए का कॉरपोरेट टैक्स रिफंड किया गया है। विभाग ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी है।

30 सितंबर तक भरना है इनकम टैक्स रिटर्न वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आयकर रिटर्न भरने की डेडलाइन 30 सितंबर तय की गई है। कोरोना काल में केंद्र सरकार ने करदाताओं को राहत देते हुए वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आयकर रिटर्न भरने की डेडलाइन को 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया था। सीबीडीटी ने आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख तीसरी बार बढ़ाई थी। वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 31 मार्च 2020 तक आईटीआर दाखिल करना था तब इसे 30 जून तक बढ़ाया गया था। फिर इसे बढ़ाकर 31 जुलाई आखिरी तारीख की गई और अब इसे बढ़ाकर 30 सितंबर 2020 कर दिया गया।

अगर आपको अभी तक रिफंड नहीं मिला है तो ऐसे चेक करें अपने रिफंड का स्टेटस

ऐसे करें चेक

  • सबसे पहले https://tin.tin.nsdl.com/oltas/refundstatuslogin.html पर जाना होगा।
  • यहां पैन नंबर और जिस साल का रिफंड बाकी है वह साल भरना होगा।
  • अब आपको नीचे दिए गए कैप्चा कोड को भरना होगा।
  • इसके बाद Proceed पर क्लिक करते ही स्टेटस आ जाएगा।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की साइट पर भी चेक कर सकते हैं रिफंड स्टेटस

  • सबसे पहले www.incometaxindiaefiling.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
  • पैन, पासवर्ड और कैप्चा कोड जैसी डिटेल को डालकर अपने अकाउंट में लॉग-इन करें। ‘रिव्यू रिटर्न्स/फॉर्म्स’ पर क्लिक करें।
  • ड्रॉप डाउन मेनू से ‘इनकम टैक्स रिटर्न’ सेलेक्ट करें। जिस असेसमेंट ईयर का इनकम टैक्स रिफंड स्टेटस चेक करना चाहते हैं, उसका चयन करें
  • इसके बाद अपने एक्नोलेजमेंट नंबर यानी हाइपर लिंक पर क्लिक करें।
  • एक पॉप-अप आपकी स्क्रीन पर दिखाई देगा जो रिटर्न की फाइलिंग की टाइमलाइन दिखाएगा।
  • जैसे कि कब आपका आईटीआर फाइल और वेरिफाई किया गया था, प्रोसेसिंग के पूरे होने की तारीख, रिफंड इश्यू होने की तारीख आदि।

क्या होता है रिफंड? कंपनी अपने कर्मचारियों को सालभर वेतन देने के दौरान उसके वेतन में से टैक्स का अनुमानित हिस्सा काटकर पहले ही सरकार के खाते में जमा कर देती है। कर्मचारी साल के आखिर में इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं, जिसमें वे बताते हैं कि टैक्स के रूप में उनकी तरफ से कितनी देनदारी है। यदि वास्तविक देनदारी पहले काट लिए गए टैक्स की रकम से कम है, तो शेष राशि रिफंड के रूप में कर्मचारी को मिलती है।