अब PAN के जरिए बैंक भी देख पाएंगे अपने कस्टमर्स का टैक्स रिटर्न

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नई दिल्ली। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ब्लैकमनी पर लगाम कसने और जो लोग टैक्स नहीं भरते हैं उन्हें पकड़ने के लिए बैंकों को कुछ विशेष अधिकार दिए हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बुधवार को कहा कि उसने शेड्यूल कमर्शियल बैंकों के लिये अपने किसी ग्राहक द्वारा फाइल किए गए इनकम टैक्स रिटर्न को देखने की सुविधा शुरू कर दी

PAN से रखी जाएगी नजर
अब बैंक संबंधित ग्राहक के PAN के मुताबिक उसकी दाखिल रिटर्न के बारे में जानकारी ले सकेंगे। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का कहना है कि आंकड़ों से पता चला है कि भारी मात्रा में नकदी निकालने वाले व्यक्तियों ने कभी भी इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं की। इस सुविधा से रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले लोगों पर नजर रखी जा सकेगी। जो रिटर्न दाखिल नहीं करते उनके नकदी निकासी पर नजर रखने के साथ ही कालेधन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

नकदी निकासी की सीमा घटाई गई
इन बातों को ध्यान में रखते हुये फाइनैंस बिल 2020 में एक जुलाई 2020 से रिटर्न दाखिल नहीं करने वालों के लिये टीडीएस को अमल लाने के लिहाज से नकदी निकासी की सीमा को घटकर 20 लाख रुपये कर दिया गया। इस संबंध में इनकम टैक्स कानून 1961 में फाइनैंस बिल में संशोधन किया गया। इसमें रिटर्न दाखिल नहीं करने वालों की एक करोड़ रुपये से अधिक की नकद निकासी पर स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) पांच प्रतिशत की ऊंची दर से काटने का भी प्रावधान किया गया।

CBDT ने नोटिफिकेशन जारी किया
केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने 31 अगस्त को जारी एक अधिसूचना में शेड्यूल कमर्शल बैंकों को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की उस सूची में शामिल कर दिया है जिनके साथ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट सूचनायें साझा कर सकता है।