मात्र सात हजार के लिए प्राइवेट अस्पताल ने रोक लिया महिला का शव

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कोटा। शहर के सुधा हार्ट हॉस्पिटल में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। कर्मयोगी सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष राजाराम जैन कर्मयोगी ने बताया कि 17 अगस्त की शाम दिहाड़ी मजदूर महिला की सुधा हार्ट हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। जिसके इलाज के 7000 रुपये का बिल नहीं चुका पाने पर मृतक का शव अस्पताल के द्वारा 19 घंटे तक रोके रखा। जिसके बाद मंगलवार को दोपहर सीएमएचओ के आदेश पर शव सौंपा गया।

कर्मयोगी ने बताया कि मजदूरी करके पेट पालन करने वाले नान्ता करनी नगर निवासी रामलाल मेघवाल की पत्नी की तबीयत सोमवार को अचानक खराब हो गई थी। जिसे पास के ही धाकड हॉस्पिटल कुन्हाड़ी में ले जाकर दिखाया गया। धाकड़ हॉस्पिटल ने देखने से इनकार करते हुए बूंदी रोड श्री हॉस्पिटल भेज दिया। जहां पर डॉक्टर ने मरीज को हार्ट अटैक की पुष्टि की। उन्होंने तुरंत सुधा हार्ट हॉस्पिटल में ले जाने का सुझाव दिया। जहां रोगी का इलाज प्रारंभ हुआ।

मृतका के पति रामलाल के पास पास करीबन 2000 रुपये थे जो दवा में पूरे हो गए। भर्ती के आधे घंटे बाद डॉक्टरों ने रामलाल को अंदर बुलाया और रोगी की मृत्यु के बारे में सूचना दी। महिला का शव प्राप्त करने के लिए रामलाल काउंटर पर फाइल लेने के लिए गया। जहां फाइल देने के एवज में उससे 6800 रुपये एवं कुछ की राशि मांगी गई। रामलाल के पास 7000 रुपये नहीं होने पर अस्पताल की ओर से मृतका का शव रोक लिया गया।

मृतका के पति के अनुसार काफी मिन्नतों के बावजूद चिकित्सालय प्रशासन नहीं पसीजा और राशि जमा कराने के बाद ही मृतका का शव ले जाने की बात कही। रामलाल काफी जगह भटकता रहा और उसके बाद रात को 11 बजे कर्मयोगी सेवा संस्थान से सम्पर्क किया। कर्मयोगी ने बताया कि रामलाल अपनी पत्नी के साथ विगत 20 वर्ष से एक कमरे में रहता आया है। दोनों पति-पत्नी मजदूरी करके पेट पालन करते हैं और दोनों के 20 वर्षों से कोई संतान नहीं है। दोनों के माता-पिता समेत कोई भी अन्य जिम्मेदार व्यक्ति नहीं है।

जिसके बाद मंगलवार को राजाराम कर्मयोगी ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रदेश अध्यक्ष क्रांति तिवारी को अवगत कराया। क्रांति तिवारी ने उच्च स्तर पर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया एवं पीड़ित व्यक्ति द्वारा सीएमएचओ के नाम एप्लीकेशन लिखवाने के लिए कहा। कर्मयोगी ने इस प्रकरण से राजेंद्र सांखला को भी अवगत कराया। जिन्होंने भी उच्च स्तर पर कार्यवाही कराने का आश्वासन दिया। कर्मयोगी ने सीएमएचओ को फोन किया और सारी जानकारी दी। सीएमएचओ ने डॉ. आरके अग्रवाल से बात की, उसके पश्चात डॉ अग्रवाल ने बॉडी ले जाने के लिए आदेश प्रदान किया।

करीब 1 घंटे की जद्दोजहद के बाद मृतका की बॉडी प्राप्त कर उसके पति को सुपुर्द की गई। कर्मयोगी एंबुलेंस द्वारा शव को करणी नगर पहुंचाया गया। साथ ही, अंतिम संस्कार की सामग्री एवं लकड़ियों की निशुल्क व्यवस्था भी कर्मयोगी सेवा संस्थान द्वारा की गई। राजाराम जैन कर्मयोगी ने बताया कि संस्था द्वारा इस इस प्रकरण को उच्च स्तर पर ले जाकर जिम्मेदारों को अवगत करवाया जाएगा एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।