राजस्थान सरकार ने की उद्योगों के लिए रियायतों की घोषणा

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कोटा। प्रदेश में राजनीतिक घमासान के बीच राज्य सरकार ने कोरोना के कारण आर्थिक जंग लड़ रहे उद्यमियों को रियायतों की कई सौगातें दी है। घोषणाएं निवेशकों को लुभाने के लिए की गई है। ताकि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कारण चरमाराई आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियां गति पकड़ सके। रीको की स्थापना के इतिहास में पहली बार इस तरह की रियायतें दी गई है।

राजस्थान स्टेट इण्डस्ट्रीयल डवलपमेंट एण्ड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (रीको) प्रबंधन की ओर से दो हाल में दो अलग-अलग रियायतों व राहत के लिए परिपत्र जारी किया है। यह सारी राहत कोरोना संकट के मद्देनजर की गई है। क्योकि इस दौरान कोटा समेत प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां ठप हो गईं है। इसलिए पुन: पटरी पर लाने के लिए राहत दी गई है।

उद्योगों को राहत की डोज मानी जा रही है, जिसके आगामी अच्छे परिणाम सामने आने की उम्मीदें जताई जा रही है। वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक एस.के. गर्ग के मुताबिक रीको की स्थापना के बाद इस तरह का राहत पैकेज पहली बार जारी किया गया है। इसमें आवंटन से लेकर उद्योग लागने व ब्याज सहित अन्य मामलों में कई रियायतें दी गई है।

यह है रियायतें

सर्विस चार्ज, आउट स्टैंडिंग चार्ज, वार्षिक लीज शुल्क 31 दिसम्बर 2020 तक जमा कराने पर शत प्रतिशत ब्याज में छूट दी जाएगी। 1 मार्च से 30 सितम्बर तक जिन भूखण्डों पर उद्योग चालू करना था, आर्थिक तंगी के कारण शुरू नहीं कर पाए, उन्हें उद्योग चालू करने की अवधि एक साल बढ़ाई। ई ऑक्शन में जिन्होंने उद्योग के लिए भूखण्ड लिया है, वे अब 30 दिन के बजाए 90 दिन में पैसा जमा करवा सकेंगे।

इस अवधि के बाद 9 प्रतिशत ब्याज पर 90 दिन की और अवधि बढ़ाई जा सकेगी। कोरोना के दौरान लॉक डाउन अवधि की किस्तों की अवधि तीन माह बढ़ा दी गई है। लॉक डाउन अवधि का कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा। जिन उद्यमियों पर पुरानी किस्ते चालू है उन पर 1 अप्रेल से 30 जून तक कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा।

लीज डीड व भूखण्ड की रजिस्ट्ररी 90 दिन बाद कराने पर 500 रुपए हर माह जुर्माना लिया जाता था। इसमें 31 मार्च 2021 तक छूट दी गई है। औद्योगिक भूखण्ड पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाने पर 31 मार्च 2021 तक कोई जुर्माना नहीं लिया जाएगा। 1 अगस्त के बाद जो भूखण्ड ई ऑक्शन से खरीदे गए हैं, वह अब 11 किस्तों में राशि जमा करवा सकेंगे। पहले एक करोड़ तक के भूखण्ड पर तीन किस्तों में राशि जमा कराने का प्रावधान था।

भूखण्ड का पजेशन लेने की अवधि भी बढ़ाई गई है। भूखण्ड आवंटन में पहले 120 दिन में एकमुश्त रकम जमा करवा सकेंगे। पहले यह अवधि 90 दिन थी, इस अवधि का कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा। उन मामलों में जिनमें आवंटित भूखण्ड का उपयोग करना था, 29 फरवरी 2020 पर या इससे पहले या ऐसा प्लांट या तो पहलेसे ही ही उपयोग किया जाएगा , या 31 दिसम्बर तक नियम के अनुसार उपयोग किया जाएगा।