स्टारएग्री वेयरहाउसिंग के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज

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    कोटा। उत्तम इंटरप्राइजेज व उत्तम एसोसिएट के प्रो. द्वारा न्यायालय में पेश इस्तगासे पर कोर्ट ने अभियुक्त अमित खंडेलवाल, डायरेक्टर स्टार एग्री वेयरहाउसिंग लि. गोबरिया बावडी चौराहा अनंतपुरा, उसके सहयोगी अमित अग्रवाल डायरेक्टर स्टार एग्री वेयरहाउसिंग लि., अमित मुण्डावाला, डायरेक्टर स्टार एग्री वेयरहाउसिंग लि. निवासी बोनांजा बिल्डिंग, प्लाजा काम्पलेक्स नियर जेबी नगर मेट्रो स्टेशन मुम्बई के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद अनंतपुरा थाने में कम्पनी निदेशक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

    अनंतपुरा निवासी अशोक कुमार जैन व उसकी पत्नी रानी जैन ने अलग-अलग इस्तगासे न्यायालय में पेश किए थे, जिस पर कोर्ट के आदेश के बाद मामला दर्ज किया गया है। फरयादी जैन ने बताया कि 420, 406, 467, 468, 469, 471, 120 बी में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि इन सभी ने मिलीभगत कर करीब 11 करोड रुपये का माल खुर्दबुर्द करने का षडयंत्र रचा है।

    उन्होंने बताया कि उत्तम इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अशोक जैन व रानी जैन के नाम से एक फर्म दुकान नंबर पीके 14 व पीके 18 भामाशाह मंडी अनंतपुरा कोटा में संचालित की जाती है जिसमें कृषि जिंसों का व्यवसाय किया जाता है। इस व्यवसाय के तहत जो कृषि जिंस खरीद की जाती है उन जिंसों को अभियुक्त अमित खंडेलवाल व उसके सहयोगी अमित अग्रवाल व अमित मुंडावाला वाला द्वारा चलाई जाने वाली स्टार एग्री वेयरहाउसिंग के तहत बनाए हुए गोदामों में रखा जाता है। जहां पर माल के रखरखाव के लिए स्टार एग्री वेयर हाउस द्वारा प्रार्थी फर्म से किराया लिया जाता है।

    करोडों का माल हड़पना चाहते हैं अभियुक्त
    अभियुक्तों द्वारा उसके गोदाम में रखा हुआ करोडों रुपये का चना उसका होने के बाद भी उसे नहीं दिया जा रहा। साथ ही उसे अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खरीदा हुआ चना 559 टन 26 मार्च 2019 को एवं 95 टन 30 मार्च को प्रार्थी फर्म के द्वारा अभियुक्त के संचालित किए जाने वाली स्टार एग्री वेयर हाउसिंग कंपनी के सुगंधम बिल्ड स्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड गोदाम नंबर 3 में रखवाया।

    प्रार्थी अशोक ने इस माल पर लोन लिया, जिसे बाद में चुका दिया गया। जब चना बेचने के लिए गोदाम में व्यापारियों को माल के सेंपल देखने के लिए भेजा तो इन्होंने मना कर दिया। सेंपल नहीं दिखाए। तकाजा करने पर माल हड़पने का अंदेशा हुआ। उसे नोटिस दिया गया और माल लेने के लिए कहा तो उसने माल देने से मना कर दिया।

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