बाघ खाद्य शृंखला का महत्वपूर्ण प्राणी -विजयवर्गीय

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कोटा। “बाघ खाद्य शृंखला का महत्वपूर्ण प्राणी है,उसकी जंगलों में मौजूदगी जैव विविधता सरंक्षण के साथ ही कई प्रकार की बीमारियों से लड़ने में मदद प्रदान करती है। इस अद्भुत सुंदर प्राणि को प्रकृति की सर्वश्रेष्ठ रचना कहा जाता है। इसे हर संभव बचाने के प्रयास होना चाहिए।“

उक्त बात जल बिरादरी के प्रदेश उपाध्यक्ष बृजेश विजयवर्गीय ने रामगंजमण्डी घाटोली पंचायत के बोरदी तथा देवली कला पंचायत में एक जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। पर्यावरणविद् विजयवर्गीय ने कहा कि मुकुंदरा बाघ परियोजना हाड़ौती के लिए विकास का बड़ा आयाम है। कोटा, झालावाड़ और चित्तोड़गढ़ तथा बूंदी जिलों के लिए वरदान है इसे किसी भी कीमत बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है चाहे वह ग्रामीण क्षैत्रों के हों या शहरी क्षैत्रों के। प्रकृति सुरक्षित है तो मनुष्य समेत सभी प्राणि सुरक्षित रहेंगे अन्यथा प्रकृति के मामूली करवट लेने भर से ही मानव जाति का अस्तित्व संकट में आ जाता है।

चम्बल रेस्क्यू फोर्स के बनवारी यदुवंशी ने जंगल के निकट के ग्रामीणों एवं वन विभाग में बेहतर संवाद की स्थिति बनाने पर जोर देते हुए कहा कि बाघों के संरक्षण से ही पर्यटन विकास के आयाम खुलते है। उन्होंने चम्बल के जीवों ओटर,मगमच्छ,घड़ियाल आदि के व्यवहार के बारे में जानकारी दी। तथा कोटा विश्व विद्यालय की शोध छात्रा उर्वशी शर्मा ने कहा कि जंगल और जीव तथा जन एक दूसरे के लिए बने है। जंगल घटते हैं तभी जंगली जीव बाहर निकलते है।

पूर्व सरपंच कंवर लाल तथा अन्य ग्रामीणों ने कहा कि वन्यजीवों को नियंत्रित करना सरकार का काम है कोई भी किसान नहीं चाहता कि उसकी फसल को जंगली जीव नष्ट करे। देवली में सरपंच प्रतिनिधि बंटी सेन व सामाजिक कार्यकर्ता रामचंद मेघवाल ने भी विचार व्यक्त किए।जंगल समृद्ध होंगे तभी हम स्वस्थ रह सकते है। कोटा नगर निगम के पूर्व पार्षद युधिष्टिर चानसी ने कहा कि ग्रामीणों की समस्या के लिए वन विभाग के उच्चाधिकारियों से वार्ता कर कोई हल निकालने का प्रयास किया जाएगा।