GST रेवेन्यू कलेक्शन में आई तेजी, जून में 90,917 करोड़ रुपए रहा

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मुंबई। ग्रॉस वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) रेवेन्यू का कलेक्शन जून महीने में 90,917 करोड़ रुपए रहा है। पिछले साल जून में 99,000 करोड़ रुपए की तुलना में इस साल जून के रेवेन्यू में 9 प्रतिशत की गिरावट आई है। अप्रैल-जून तिमाही में यह कलेक्शन एक साल पहले समान अवधि की तुलना में 59 प्रतिशत रहा है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय ने दी है।

मई में जीएसटी कलेक्शन 62 हजार करोड़ रुपए
सरकार ने बताया कि इस साल अप्रैल में 32,294 करोड़ रुपए जीएसटी रेवेन्यू कलेक्शन था। मई में यह दोगुना के करीब बढ़कर 62,009 करोड़ रुपए पर पहुंच गया था। जून में यह 50 प्रतिशत करीबन बढ़कर 90 हजार करोड़ रुपए के पार चला गया। बता दें कि कोरोना से पहले हर महीने जीएसटी कलेक्शन औसतन एक लाख करोड़ रुपए के करीब होता था।

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस बयान के अनुसार जून महीने में सीजीएसटी (केंद्र सरकार) का कलेक्शन 18,980 करोड़ रुपए था। जबकि एस जीएसटी (राज्य सरकार) कलेक्शन 23,970 करोड़ रुपए था। आईजीएसटी कलेक्शन 40,302 करोड़ रुपए था। इसमें 15,709 करोड़ रुपए आयातित (इंपोर्ट) सामानों से आए थे। इसी तरह सेस कलेक्शन 7,665 करोड़ रुपए था जिसमें 607 करोड़ रुपए इंपोर्ट गुड्स का था। डेलॉय इंडिया के पार्टनर एम.एस मणि ने कहा कि जीएसटी रेवेन्यू के बारे में पहले से ही घटने का अनुमान था। क्योंकि आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई थीं।

सीजीएसटी के तहत 13,325 करोड़ रुपए का सेटलमेंट
इसी तरह सरकार ने 13,325 करोड़ रुपए सीजीएसटी और 11,117 करोड़ रुपए एसजीएसटी के तहत सेटल किया। केंद्र सरकार द्वारा सेटलमेंट के बाद कुल रेवेन्यू 32,305 करोड़ रुपए जबकि राज्य सरकार को सेटलमेंट के बाद 35,087 करोड़ रुपए जीएसटी के रूप में मिला है। पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के बीच कुल कलेक्शन एक साल पहले की तुलना में 59 प्रतिशत रहा है। सरकार ने चूंकि जीएसटी रिटर्न की फाइलिंग की अवधि कोविड-19 की वजह से बढ़ा दी है, इसलिए कुछ रिटर्न फाइल करने में देरी हो सकती है।
कुछ रिटर्न्स जुलाई में फाइल किए जा सकते हैं। पूरे वित्त वर्ष के दौरान रेवेन्यू कोविड-19 की वजह से प्रभावित हुआ है।