चोकसी, माल्या की कंपनियों ने बैंकों का 68,600 करोड़ रुपये डकारा

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नई दिल्ली। देश के बैंकों को शीर्ष 50 कंपनियों ने 68,607 करोड़ रुपये का चूना लगाया है। बकाया वसूलने में विफल रहे बैंकों को थक-हारकर इन पैसों को बट्टा खाते में डालना पड़ा है। चौंकाने वाली बात यह है कि फरार हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की कंपनी गीतांजलि जेम्स बैंकों को चूना लगाने में सबसे शीर्ष पर है, जिसने 5,492 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुकाया है।

इसके बाद आरईआई एग्रो का नंबर है जिसपर 4,314 करोड़ रुपये का बकाया है। तीसरे नंबर पर विन्सम डायमंड्स है जिसने बैंकों का 4,076 करोड़ रुपये का बकाया नहीं चुकाया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने सूचना के अधिकार कानून (RTI) के तहत दिए गए जवाब में यह जानकारी दी है।

आरटीआई में अहम जानकारी
आरटीआई के तहत दी गई जानकारी के मुताबिक, रोटोमेक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को 2,850 करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया, तकनीकी तौर पर इसे बट्टे खाते में डाल दिया गया। इसके अलावा, कुडोस कैमी लिमिटेड 2,326 करोड़ रुपये, रुचि सोया इंडस्ट्रीज लिमिटेड जिसपर अब रामदेव की पतंजलि का स्वामित्व है, उसके 2,212 करोड़ रुपये और जूम डिवेलपर्स प्रा. लिमिटेड 2,012 करोड़ रुपये के बकाये कर्ज वाली अन्य कंपनियां हैं।

माल्या की किंगफिशर भी लिस्ट में
माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस का इस सूची में नौवां नंबर है, जिसपर 1,943 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसे बैंकों ने तकनीकी रूप से बट्टा खाते में डाल दिया है। इसी प्रकार फारएवर प्रीसियस जूलरी ऐंड डायमंड्स प्रा. लिमिटेड पर 1,962 करोड़ का बकाया बट्टे खाते में डाले गए हैं। डेक्कन क्रॉनिकल होल्डिंग्स लिमिटेड पर 1,915 करोड़ रुपये का बकाया बट्टा खाते में डाला गया।

मेहुल चोकसी नंबर वन
फरार हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी तथा विजय माल्या सहित कुल 50 विलफुल डिफॉल्टर्स पर 30 सितंबर, 2019 तक कुल 68,607 करोड़ रुपये के बकाये को राइट ऑफ किया गया है। बैंकों का पैसा पचाने वालों की सूची में गीतांजलि जेम्स के मेहुल चोकसी का नाम सबसे ऊपर है और उसके ऊपर 5,492 करोड़ रुपये का बकाया है।

आरईआई एग्रो पर 4,314 करोड़ रुपये का बकाया है, जबकि विनसम डायमंड्स पर 4,076 करोड़ रुपये का बकाया है। रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड पर 2,850 करोड़ रुपये, कुडोस केमी लिमिटेड पर 2,326 करोड़ रुपये, रुचि सोया इंडस्ट्रीज लिमिटेड पर 2,212 करोड़ रुपये, जबकि जूम डिवेलपर्स प्राइवेट लिमिटेड पर 2,012 करोड़ रुपये का बकाया है।

विजय माल्या का किंगफिशर एयरलाइंस इस सूची में नौवें नंबर पर है, जिसपर कुल 1,943 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसे बैंक ने राइट ऑफ कर दिया है। फोरइवर प्रेसियस जूलरी ऐंड डायमंड्स प्राइवेट लिमिटेड पर 1,962 करोड़ रुपये का बकाया है, जबकि डेक्कन क्रॉनिकल होल्डिंग्स लिमिटेड पर 1,915 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसे राइट ऑफ कर दिया गया है।

चोकसी की एक दूसरी कंपनी गिली इंडिया तथा नक्षत्र ब्रैंड्स पर 1,447 करोड़ रुपये तथा 1,109 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसे राइट ऑफ किया गया है। झुनझुनवाला ब्रदर्स के आरईआई एग्रो पहले से ही ईडी के निशाने पर है। सीबीआई तथा ईडी विनसम डायमंड्स के फ्रॉड की कथित फर्जीवाड़े की जांच कर रहा है।

विक्रम कोठारी का रोटोमैक इस सूची में चौथे नंबर पर है। उन्हें और उनके बेट राहुल कोठारी को बैंक लोन डिफॉल्ट मामले में सीबीआई ने अरेस्ट किया है। आरटीआई ऐक्टिविस्ट साकेत गोखले ने बीते 16 फरवरी को विलफुल डिफॉल्टर्स की सूची मांगी थी।

लोन राइट-ऑफ करना मतलब जब बैंकों को लगता है कि उन्होंने लोन बांट तो दिया, लेकिन अब वसूलना मुश्किल हो रहा है। अब गणित ऐसी उलझी कि बैलेंस शीट ही गड़बड़ होने लगती है। ऐसे में बैंक उस लोन को ‘राइट-ऑफ’ कर देता है। यानी यह मान लेता है कि इस लोन की रिकवरी अब हो नहीं पा रही है और इस लोन अमाउंट को बैलेंस शीट से हटा देता है, यानी गया पैसा बट्टे खाते में।

चोकसी की अन्य कंपनियां भी
आरटीआई जवाब के मुताबिक, चोकसी की अन्य कंपनियों गिली इंडिया और नक्षत्र ब्रांड्स पर भी क्रमश: 1,447 करोड़ रुपये और 1,109 करोड़ रुपये का बकाया बट्टा खाते में डाला जा चुका है। आरईआई एग्रों के झुनझुनवाला बंधु पहले से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के घेरे में हैं, जबकि विनसम डायमंड्स के मालिकों की कथित धोखाधड़ी पर भी सीबीआई, ईडी जांच कर रहा है।