दुकानों से खराब होने वाला माल निकालने की इजाजत मिले: व्यापार महासंघ

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कोटा । कोटा व्यापार महासंघ (Kota Vyapar Mahasangh) के अध्यक्ष क्रांति जैन एवं महासचिव अशोक माहेश्वरी ने थोक किराना एवं जनरल मार्केट से लॉकडाउन में (Lockdown) सामान निकाले जाने को अच्छा कदम बताते हुए इसे अति आवश्यक बताया। साथ ही महासंघ ने शहर के समस्त बाजारों से जहा लाखों रुपए का जो स्टॉक पड़ा हुआ है, जिसकी सडने एवं खराब होने की पूरी सम्भावना है, उन सभी सामानों को जिला कलेक्टर एवं एडीएम सिटी से की निकालने की मांग थी।

जैन में माहेश्वरी ने बताया कि 40 दिनों से बंद पड़ी दुकानों पर व्यापारी भी नहीं जा पा रहे हैं शहर के कई प्रमुख बाजार इससे वंचित रह गए हैं जिसमे पाटनपोल,विजय मार्केट, सब्जीमंडी, लाडपुरा, कैथूनीपोल, टिपटा आदि बाज़ारों के व्यापारियों का लाखों रुपए का स्टॉक जमा है। इस क्षेत्र में हाडोती के समस्त ग्राहक आते हैं और शादी पार्टियों के सभी सामान भी इन्ही क्षेत्रों में मिलते हैं।

नंदग्राम व्यापार संघ के अध्यक्ष अनिल खंडेलवाल ने महासंघ को अवगत कराया कि उनके क्षेत्र में मिठाई, दूध, दही, मावा ,नमकीन आदि की दुकाने हैं। किराना सामान के अलावा यहां अन्य सामानों की दुकानो पर माल देखरेख के अभाव में अब खराब हो चुका है या ख़राब होने वाला है। इसे भी निकलवाया जाये ।

विजय मार्केट व्यापार संघ के अध्यक्ष सोभागमल जैन ,मावा व्यापार संघ के सचिव हेमंत जैन ने बताया कि मोची कटला, विजय मार्केट आदि में दाल, चावल, मैदा के बड़े-बड़े गोदाम हैं और व्यापारियों ने आने वाले सावो को देखते हुए यहां पर भारी स्टाक जमा कर रखा था, जिसके खराब होने की पूरी संभावना है।

व्यापार संघ पुरानी सब्जी मंडी के अध्यक्ष सुनील खरबंदा ने बताया कि हम इस कार्य के लिए पिछले 7 दिनों से जिला कलेक्टर कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने कुछ बाजारों को ही राहत देखकर बाकी कई बाजार छोड़ दिए हैं।

कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि व्यापारी पहले से ही पूरी तरह बर्बाद हो चुका है। हमारे द्वारा यही आग्रह किया गया था कि जिन जिन बाजारों में खराब होने वाला सामान है, उसको निकालने की परमिशन दी जाए। जिससे उन सामानों को कोल्ड स्टोरेज या अन्य सुरक्षित स्थानों पर रखवाया जा सके। महासंघ प्रशासन से मांग करता है शीघ्र ही इन क्षेत्रों के व्यापारियों को भी राहत दी जाए ताकि इन्हें बर्बाद होने से बचाया जा सके।