CM नीतीश ने PM मोदी के सामने छेड़ा कोटा में फंसे छात्रों का मुद्दा

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पटना। कोरोना संक्रमणकाल में देश के प्रधानमंत्री ने चौथी बार देश के मुख्यमंत्रियों से बात की है। सोमवार को हुए वीडियो कॉन्फ्रेंस में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish kumar) ने पीएम के सामने राजस्थान के कोटा में फंसे छात्र-छात्राओं की समस्या भी रखी। उन्हेंने कहा कि कुछ राज्य अपने छात्रों को वहां से निकाल ले गये हैं।

कोटा में बिहार के भी कई-छात्र छात्राएं कोचिंग सेंटर में पढ़ाई करते हैं, और लॉकडाउन (coronavirus lockdown) की वजह से वहां फंसे हुए हैं। बिहार के मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से वहां के छात्रों को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही है।

नियमों में संशोधन हो तभी संभव: नीतीश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish kumar) ने प्रधानमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान यह भी कहा कि बिहार की सरकार लॉकडाउन (coronavirus lockdown) को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गये गाइड लाइन का पालन कर रही है। जब तक लॉकडाउन (coronavirus lockdown) के नियमों में संशोधन नहीं किया जाएगा तब-तक किसी को वापस बुलाना संभव नहीं है। इसलिए केंद्र सरकार इसे लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें, ताकि सिर्फ कोटा से ही नहीं, बल्कि देश के अन्य भाग से भी छात्र-छात्राओं को वापस ला सकें।

बिहार सरकार द्वारा किये जा रहे काम की दी जानकारी
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish kumar) ने कोरोना वायरस की लड़ाई में बिहार सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी भी प्रधानमंत्री को दी गयी। मुख्यमंत्री ने पीएम को बताया कि 14 अप्रेल के पहले बिहार में कोरोना संक्रमित लोगो की संख्या 66 थी जो आज बढ़कर कितनी हो गयी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बिहार में 56 मरीज ठीक होकर घर भी जा चुके हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि बिहार में अबतक 75 लाख परिवारों के चार करोड़ से अधिक लोगो की स्क्रीनिंग भी की जा चुकी है। इसके अलावा पल्स पोलियों अभियान के तर्ज पर बिहार में डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग भी कराया जा रहा है।

क्या हो सकता है 3 मई के बाद
जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री के इस वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के दौरान जो बातें कही गयी है, उससे तीन मई के बाद भी लॉकडाउन (coronavirus lockdown) बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। बताया गया कि प्रधानमंत्री ने कोरोना संक्रमण से बचने के लिए 2 गज की दूरी बनाए रखने पर जोर दिया है। साथ ही राज्यों में कोरोना टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने के साथ ग्रीन जोन को सेफ रखने की बात भी कही गई है।

सूत्र के मुताबिक 3 मई बाद रेड और ऑरेंज जोन वाले क्षेत्र के साथ कोरोना वायरस से पीड़ित वाले राज्य में लॉकडाउन (coronavirus lockdown) तो जारी रहेगा। लेकिन उन राज्यों में ग्रीन जोन वाले क्षेत्र की सीमा को अन्य जिला से सील कर ग्रीम जोन वाले जिला में लॉकडाउन (coronavirus lockdown) हटाया जा सकता है, या फिर शर्तों के साथ दुकानें खोलने की इजाजत दी जा सकती है। इसके अलावा कोरोना संक्रमण मुक्त राज्यों के अंदर भी कुछ शर्तो के साथ व्यापार में छूट दी जा सकती है। लेकिन यह तह है कि विमान सेवा, रेल सेवा, सिनेमा हॉल, शापिंग मॉल, स्कूल, कॉलेज, बड़े मार्केट को फिलहाल कोई राहत नहीं मिलने वाली।