कोटा मंडी में चना, सरसों, धनिया एवं धान की नीलामी व्यवस्था तय

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मुकेश भाटिया
कोटा।
भामाशाह अनाज मंडी में कृषि जिंसों के विपणन को विस्तारित करने के लिए कार्य योजना के अगले चरण में गेहूं के साथ-साथ अन्य कृषि जिंसों में से शुरुआती दौर में चार कृषि जिंस चना, सरसों, धान तथा धनिया का विपणन होना है।

कोटा ग्रेन एण्ड सीड्स मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश राठी ने बताया कि इस प्रकिया को व्यवस्थित रूप से निष्पादित करने के लिए शनिवार को कार्यकारिणी सभा में निम्न बिंदु तय किये गये हैं:-

  1. सोमवार,मंगलवार तथा शुक्रवार, शनिवार को सिर्फ गेहूं की नीलामी की जायेगी, गेहूं की ट्रोलियों को बुलाने हेतु पूर्व से जारी प्रक्रिया ही जारी रहेगी।
  2. सरसों की नीलामी का समय दोपहर 12 बजे से तथा स्थान यार्ड नंबर-2 (FCI यार्ड) होगा। धान की नीलामी का समय दोपहर 1 बजे से तथा स्थान यार्ड नंबर-1 (धनिया यार्ड) होगा। धनिया की नीलामी समय दोपहर 2 बजे से तथा स्थान यार्ड नंबर-1 (धनिया यार्ड) होगा।
  3. बुधवार, गुरुवार को सिर्फ चना, सरसों, धान तथा धनिया की नीलामी होगी, माल बुलाने के लिये निश्चित “टोकन” में पूर्ण विवरण भर कर संस्था कार्यालय में इस हेतु रखे गये बॉक्स में डालना होगा, टोकन संस्था कार्यालय में उपलब्ध हैं जिन्हें प्राप्त करके आवश्यकतानुसार जेरोक्स करवा लेवें।
  4. बुधवार को बुलाये जाने वाले जिंसों के “टोकन” सोमवार को दोपहर 1 बजे तक तथा इसी प्रकार गुरुवार को बुलाये जाने वाले जिंस के “टोकन” मंगलवार को डाले जायेंगे। इन टोकन” के आधार पर लिस्ट बनाई जायेगी, संस्था के मोहर शुदा यह टोकन” नीलामी के दिनांक के एक दिन पूर्व सायं 5 से 7 बजे के मध्य कार्यालय से प्राप्त किये जा सकेंगे।
  5. एक किसान या एक साधन के लिए एक “टोकन” भरना होगा, यदि एक से अधिक किसान हो तो भी एक ही किसान का विवरण लिखें, एक साधन में एक से अधिक जिंस भी मंगाये जा सकेंगे, पर उसका विवरण “टोकन” में भरना आवश्यक होगा।
  6. चना की नीलामी समय प्रातः 10:30 से बजे तथा स्थान रेलवे लाइन वाले शेड़ में नीचे से ऊपर की ओर होगा।
  7. सभी नीलामी प्रक्रियाओं में लेवाल फर्म के सदस्यों के गले में संस्था द्वारा पूर्व में जारी किये गये “बेज” होना आवश्यक है, नीलामी में बिना “बेज” के उपस्थिति हेतु पुलिस प्रशासन द्वारा सख्त मनाही की गई है।
  8. जिला प्रशासन के निर्देशानुसार नीलामी प्रक्रिया में बेचवाल फर्म के संचालक ही माल विक्रय हेतु अधिकृत हैं, जिन फर्मो के संचालक किसी कारणवश विक्रय हेतु उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं, उनकी सुविधा के लिए संस्था द्वारा विक्रय कमेटियों का गठन किया गया है, आवश्यकतानुसार इस हेतु उनसे कहा जा सकता है।
  9. माल विक्रय होने के पश्चात कोई भी बेचवाल नीलामी में नहीं रुकेंगे, ताकि, “सोशल डिस्टेंसिंग” कायम रह सके।
  10. सभी बेचवाल अपने किसानों को मंडी आने से पूर्व फोन पर निर्देशित करेंगे कि वे हर हाल में माल का ढेर करने के बाद खाली ट्रेक्टर ट्रोली मंडी के बाहर खड़ी करें।
  11. गेहूं हेतु विक्रय कमेटी आपको पूर्व में भेजी जा चुकी है, अन्य जिंसों के विक्रय हेतु “विक्रय कमेटी” गठित की गई है।