कोटा फिर बना देश की आवाज, दुकानें खोलने के मामले में केंद्र का स्पष्टीकरण

0
1069

नई दिल्ली/कोटा। कोटा की आवाज एकबार फिर देश की आवाज बनी है। गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने आम आदमी और छोटे दुकानदारों को बड़ी राहत दी है। शनिवार के आदेश में कहा गया कि आज से गांवों और कस्बों में शॉपिंग मॉल, हेयर सैलून और रेस्टोरेंट को छोड़कर बाकी दुकानें खुल सकेंगी।

शहरों में सिर्फ रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स, कॉलोनियों के आसपास की दुकानें और स्टैंड-अलोन शॉप्स (अलग-थलग सिर्फ एक दुकान हो) को ही खोलने की इजाजत दी गई है। शराब, सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पहले की तरह हर जगह प्रतिबंधित रहेगी। उन इलाकों में दुकान नही खुलेंगी, जिन्हें कोरोना हॉटस्पॉट माना गया है या कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है।
गृह मंत्रालय ने कुछ शर्तें भी रखीं। जैसे- दुकानों में सिर्फ 50 फीसदी स्टाफ के साथ काम होगा। ये सभी लोग मास्क लगाएंगे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे। सभी दुकानें संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड होनी चाहिए।

गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को आदेश जारी कर लॉकडाउन में कुछ रियायत दी, लेकिन इस पर शनिवार को भ्रम की स्थिति पैदा गई थी। इस दौरान कोटा व्यापार महासंघ के उपाध्यक्ष सुरेंद्र गोयल ‘विचित्र’ ने लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को दुकाने खोलने के बारे में स्थिति स्पष्ट करने के लिए ट्वीट किया। इसके बाद गृह मंत्री ने शनिवार को आदेश के बारे में स्प्ष्टीकरण जारी किया। विचित्र ने lendennews.com को बताया कि उन्होंने सुबह 7.30 बजे ट्वीट किया था। उसके बाद सरकार की ओर से स्पष्टीकरण जारी हुआ है।

केंद्र ने अपने फैसले के बाद बनी असमंजस की स्थिति को देखते हुए स्पष्ट मैसेज जारी किया है जिसमें साफ किया गया है कि ग्रामीण और नगरीय इलाकों में कौन सी दुकानें खोली जा सकेंगी। वहां केंद्र ने यह मंजूरी राज्य सरकारों को दी है और अब राज्य सरकारें तय करेंगी कि कौन सी दुकानें खोलनी है और कौन सी नहीं।

यह भी पढ़ें
राजस्थान में गली-मोहल्लों की दुकानें खुलेंगी, भोजनालय, सैलून, पार्लर बंद

आदेश में कहा है कि इसके लिए कुछ शर्तों का पालन करना जरूरी होगा। साथ ही यह दुकानें देश और शहरों के उन इलाकों में नहीं खुलेंगी जिन्हें हॉटस्पॉट जोन घोषित किया गया है। इन शर्तों के तहत दुकानों में काम करने वालों को लॉकडाउन के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। लेकिन शॉपिंग मॉल्स और मार्केट कांप्लेक्स को खोलने की अनुमति नहीं दी गई है।

ऐसे समझिए पूरा मामला

  • क्या सभी तरह की दुकानों को खोलने की छूट है?
  • नहीं। शराब, तंबाकू उत्पाद की दुकानें, हेयर सैलून, किसी भी तरह के रेस्टोरेंट, सिंगल ब्रांड या मल्टी ब्रांड मॉल्स खोलने की कहीं भी इजाजत नहीं है। कंटेनमेंट जोन में तो कोई भी दुकान नहीं खुलेगी। गृह मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी पुण्यसलिला श्रीवास्तव ने कहा कि हेयर सैलून सेवाएं देते हैं। नया आदेश सिर्फ सामान बेचने वाली दुकानों पर लागू है। सैलून, शराब की दुकानें, किसी भी तरह के रेस्टोरेंट खोलने की इजाजत नहीं है।
  • फिर गृह मंत्रालय के शुक्रवार के आदेश से क्या फर्क पड़ेगा?
  • पहले दूध, फल, सब्जी, राशन, मेडिकल स्टोर, पेट्रोल पंप, आटा चक्की, मोबाइल रिचार्ज जैसे जरूरी दुकानों को ही खोलने की इजाजत थी। अब कुछ गैर-जरूरी सामानों को बेचने वाली दुकानें भी खुल जाएंगी। हालांकि, इसके लिए सरकार ने कुछ शर्तें रखीं हैं।
  • दुकान खोलने के लिए जरूरी शर्तें क्या हैं?
  • दुकान पर सिर्फ 50 फीसदी स्टाफ ही काम करेगा। ये सभी लोग मास्क लगाएंगे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे। केंद्र शासित प्रदेश या राज्य के स्थापना अधिनियम के तहत इन दुकानों का रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है।
  • क्या देशभर में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और बाजार खुलेंगे?
  • गांव-कस्बा: यानी नगर निगम या नगरपालिका की सीमा से बाहर मार्केट कॉम्पलेक्स खुल सकेंगे। अगर कॉम्पलेक्स सैलून, रेस्टोरेंट या शराब की दुकान है तो वह नहीं खुलेगी। गांव-कस्बों में बाजार की दुकानें भी खुलेंगी।
  • शहर: यहां आस-पड़ोस और रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स में मौजूद दुकानें और स्टैंड-अलोन (कोई एक दुकान जो अलग-थलग हो) ही खुलेंगी। शहरी सीमा से मतलब नगर निगम या नगरपालिका के अधीन आने वाला क्षेत्र है।
  • क्या मॉल खुलेंगे?
  • नहीं, किसी सिंगल या मल्टी ब्रांड मॉल को खोलने की इजाजत कहीं भी नहीं दी गई है।