आत्मनिर्भरता ही कोरोना का सबक, मोदी ने कहा

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस (24 अप्रैल) के मौके पर सरपंचों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करीब डेढ़ घंटे चर्चा की। मोदी ने कहा कि कोरोनावायरस ने हमारे सामने कई मुसीबतें खड़ी की हैं। महामारी ने यह सबक भी दिया है कि देश को अब आत्मनिर्भर बनना ही पड़ेगा।

दो गज की दूरी रखकर आप लोगों ने दुनिया को इस बीमारी से लड़ने का मंत्र दिया है। प्रधानमंत्री ने ई-स्वराज पोर्टल और ई-ग्राम स्वराज ऐप भी लॉन्च किया। इसमें पंचायत से जुड़ी सभी जानकारियां मौजूद होंगी।

मोदी की 4 अहम बातें

कोरोना ने काम का तरीका बदला
कोरोना ने हमारे काम करने के तरीके को बदल दिया है। इसलिए यह कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया जा रहा है। कोरोना संकट के इस दौर में हमारे संकल्प की प्रासंगिकता बढ़ गई है। बड़ी बात ये है कि अब हमें आत्मनिर्भर बनना ही पड़ेगा। इसके बिना ऐसे संकट को झेलना मुश्किल हो जाएगा। पंचायत, जिले और राज्य आत्मनिर्भर बनें, ताकि अपनी जरूरतों के लिए कभी बाहरियों का मुंह न देखना पड़े।

सवा लाख पंचायतों तक ब्रॉडबैंड पहुंचा
मोदी ने कहा- मजबूत पंचायतें आत्मनिर्भर बनने की नींव हैं। सरकार ने पंचायती राज की व्यवस्थाओं को आधुनिक बनाने के लिए लगातार काम किया है। 1.25 लाख से ज्यादा पंचायतों तक ब्रॉडबैंड कनेक्शन पहुंच गया है। 3 लाख कॉमन सर्विस सेंटर काम कर रहे हैं। आज इतने बड़े पैमाने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हो रही है। इसमें इन बातों का बड़ा योगदान है। शहर और गांव की दूरी कम करने के लिए सरकार ने दो प्रोजेक्ट शुरू किए हैं- ई-ग्राम स्वराज और हर ग्रामवासी के लिए स्वामित्व योजना।

तकनीक से पारदर्शिता बढ़ेगी
ई-ग्राम स्वराज ऐप पंचायतों का लेखाजोखा रखने वाला सिंगल डिजिटल प्लेटफार्म होगा। पंचायत के विकास कार्यों, उसके फंड और कामकाज की जानकारियां हर व्यक्ति को मिलेगी। इससे ट्रांसपरेंसी बढ़ेगी। स्वामित्व योजना के तहत गांवों में ड्रोन से एक-एक संपत्ति की मैपिंग की जाएगी। इससे लोगों के बीच झगड़े खत्म हो जाएंगे, विकास कार्यों को गति मिलेगी और शहरों की तरह इन संपत्तियों पर बैंक से लोन लिया जा सकेगा। अभी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत 6 राज्यों में इस योजना को ट्रायल के तौर पर शुरू कर रहे हैं। फिर इसे देश के हर गांव में लागू किया जाएगा।

भारत का दुनिया को 2 गज दूरी का मैसेज
किसी भी देश में शिक्षा का पता संकट के दौर में चलता है। कोरोना संकट के दौर में आप सबने अनुशासन और सूझबूझ की मिसाल पेश की है। आपने देश को प्रेरणा देने वाला काम किया है। आपने दुनिया को बड़ा सरल मंत्र दिया है। दो गज दूरी का मैसेज दिया है। सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर आप खुद को बचा रहे हैं। आज दुनिया में चर्चा हो रही है कि कैसे भारत ने कोरोना को जवाब दिया है। इतनी बड़ी महामारी के बीच देश का हर नागरिक अनेक कठिनाइयों के बीच उससे टकरा रहा है, लोहा ले रहा है।

सरपंचों ने भी अपनी बात रखी
कश्मीर: बारामूला में नारबाओ ब्लाक के चेयरमैन मोहम्मद इकबाल ने कहा- हमारे यहां 100 फीसदी लॉकडाउन का पालन हो रहा है। जनता कर्फ्यू से पहले ही आशा वर्कर और स्वास्थ्यकर्मियों को ट्रेनिंग दिलाई। बाहर से आए लोगों सभी लोगों को होम क्वारैंटाइन कराया। हमारे इलाके में 99.9% स्थिति कंट्रोल में हैं।

मोदी ने कहा- मुझे विश्वास है कि आप फील्ड में जाते हैं, इसलिए इतनी जानकारी है। रमजान के दौरान कश्मीर के सभी लोगों को शुभकामनाएं देता हूं।

बिहार: जहानाबाद जिले के धरनाई के सरपंच अजय सिंह यादव ने कहा- हमने गांव में सभी लोगों को हाथ धोने और साफ-सफाई की व्यवस्था की है। लोगों को मास्क लगाने के लिए जागरूक किया है। आशा वर्कर और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हर तीन दिन में बैठक करते हैं। लोगों से कहा कि बाहर रहने वाले लॉकडाउन खुलने पर ही आएं, नहीं तो हम 14 दिन स्कूल में क्वारैंटाइन रखेंगे।
इस पर मोदी ने कहा- आप दूसरे शहरों में फंसे गांव के लोगों से बात करें, उन्हें अच्छा लगेगा।
उत्तर प्रदेश: बस्ती जिले में नक्सीदेह पंचायत के सरपंच ने कहा- मैं घर-घर जाकर लोगों को महामारी के प्रति जागरूक करा रहा हूं। गरीबों और जरूरतमंदों को केंद्र की सभी योजनाओं का लाभ दे रहे हैं। पूरा पैसा मिलने से लोग खुश हैं। लोगों में चर्चा है कि आप नहीं होते तो महामारी से कैसे लड़ते?
मोदी ने कहा- कोरोना विचित्र वायरस है। वह अपने आप घर में नहीं आता। हमें दो गज की दूरी का ध्यान रखना है।