नई दिल्ली। इंडियन ऑयल कारपोरेशन (IOC) ने कहा कि वह पहली अप्रैल से BS6 ईंधन की आपूर्ति के लिए तैयार है। इससे ईंधन के खुदरा मूल्य में मामूली वृद्धि होगी। सूत्र बताते हैं कि BS6 ईंधन की कीमत में प्रति लीटर 70-120 पैसे की वृद्धि हो सकती है, लेकिन आइओसी चेयरमैन संजीव सिंह का कहना है कि अभी इस प्रकार का औसत तय करना मुश्किल है। उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि कीमत में वृद्धि मामूली होगी और इसका अधिक भार उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ने दिया जाएगा।

सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी तेल आपूर्तिकर्ता कंपनी IOC ने कहा कि उसने अपनी रिफाइनरियों को BS6 में अपग्रेड करने के लिए 17,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, ताकि कम सल्फर वाले डीजल व पेट्रोल का उत्पादन किया जा सके। संजीव सिंह ने संवाददाताओं से कहा, “पहली अप्रैल से पूरे देश में नए ईंधन की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इसमें सल्फर की मात्र सिर्फ 10 पीपीएम होगी, जो मौजूदा बीएस-4 ईंधन में 50 पीपीएम थी।”

सिंह का कहना था कि सरकार की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) ने अपनी रिफाइनरियों को अपग्रेड करने के लिए 35,000 करोड़ रुपये का निवेश दिया है। आइओसी ने अकेले 17,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। उन्होंने बताया कि आइओसी ने अपने सभी डिपो पर BS6 ईंधन का उत्पादन एक पखवाड़ा पहले ही शुरू कर दिया है। हालांकि, कुछ दूरस्थ क्षेत्रों में जहां ईंधन का उपयोग कम है, वहां BS6 ईंधन पहुंचने में थोड़ा समय लगेगा।

हालांकि, कंपनी की योजना वहां भी जल्द से जल्द BS6 ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने की है। कीमतों के लेकर पूछे गए सवाल पर सिंह ने कहा कि जिन देशों में भी एक अप्रैल से BS6 ईंधन का इस्तेमाल होने जा रहा है, वहां कीमतों में बड़ा इजाफा किया गया है, लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे।

उल्लेखनीय है कि सप्ताह की शुरुआत में भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने कहा था कि उसने इसी कार्य के लिए 7,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। ऑयल एंड नेचुरल गैस कारपोरेशन (ONGC) लिमिटेड द्वारा संचालित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने इस बारे में कुछ भी नहीं बताया है। हालांकि, वह कह चुकी है कि 26-27 फरवरी से वह BS6 ईंधन की आपूर्ति के लिए तैयार है और एक मार्च से केवल इसी ईंधन की आपूर्ति करेगी।